अजित पवार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव काटेवाडी लाया गया. काटेवाडी पवार परिवार का स्वदेशी गांव है जहां उन्होंने अपना बचपन बिताया था. इसके बाद पार्थिव शरीर को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में जनता के दर्शन के लिए रखा गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू की गई.