scorecardresearch
 

मुंबई के भक्त ने देवी मंदिर में दिया 1 करोड़ रुपये का दान... शर्त रखी- मेरा नाम उजागर न किया जाए

महाराष्ट्र के अंबाजोगाई स्थित श्री योगेश्वरी देवी मंदिर में मुंबई के एक भक्त ने 1 करोड़ की राशि दान की है. यह राशि मंदिर के 100 साल पुराने 'शिखर' के जीर्णोद्धार के लिए दी गई है. खास बात यह है कि दानदाता ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त रखी है.

Advertisement
X
मुंबई के भक्त ने दिया एक करोड़ का दान. (Photo: Screengrab)
मुंबई के भक्त ने दिया एक करोड़ का दान. (Photo: Screengrab)

महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई स्थित श्री योगेश्वरी देवी मंदिर से आस्था से जुड़ी खबर सामने आई है. लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस मंदिर को मुंबई के एक भक्त ने 1 करोड़ का गुप्त दान दिया है. दान देने वाले भक्त ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखने की शर्त रखी है.

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह राशि मंदिर के लगभग 100 साल पुराने मुख्य शिखर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए दी गई है. मंदिर का शिखर चूने से बना हुआ है और समय के साथ इसकी संरचना कमजोर होने लगी थी. इसी को देखते हुए योगेश्वरी देवस्थान समिति ने इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत का निर्णय लिया था.

इस काम में करीब 80 से 90 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था. जैसे ही मुंबई के एक श्रद्धालु को इस बारे में जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए अपने प्रतिनिधि के माध्यम से 1 करोड़ का चेक मंदिर समिति को सौंप दिया. यह राशि अब बैंक में जमा हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है.

yogeshwari temple beed 1 crore donation anonymous devotee

मंदिर प्रशासन ने बताया कि शिखर के जीर्णोद्धार के लिए विशेष रूप से तमिलनाडु से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है. ये कारीगर पारंपरिक स्थापत्य कला और बारीक नक्काशी के लिए जाने जाते हैं. उनके द्वारा शिखर को नए स्वरूप में तैयार किया जाएगा, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ेगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सांवलिया सेठ मंदिर में एक महीने में 10 करोड़ से ज्यादा का आया चढ़ावा, सोने-चांदी का वजन अभी बाकी

बिना किसी प्रचार या पहचान की इच्छा के दिए गए इस बड़े दान ने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है. लोग इस पहल को आस्था और सेवा का एक अनूठा उदाहरण मान रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के दान से न केवल धार्मिक स्थलों का विकास होता है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा मिलता है.

मंदिर समिति के अनुसार, इसी सप्ताह से शिखर के नवीनीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. काम पूरा होने के बाद मंदिर का स्वरूप और भी आकर्षक हो जाएगा, जिससे दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement