महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की मुसीबत खत्म नहीं हो रही है. सोमवार को ही 6 सांसदों ने पार्टी को औपचारिक रूप से अलविदा कहा अब सोमवार की मीटिंग में पार्टी के 3 MLA, एक एमएलसी गायब बताए जा रहे हैं. शिवसेना यूबीटी के चीफ उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पार्टी विधायकों और सांसदों की मीटिंग बुलाई थी.
शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के विरोधी शिवसेना गुट में शामिल होने के बाद पार्टी में आए राजनीतिक संकट के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अपने विधायकों के साथ बैठक की. इस बैठक का मकसद महाराष्ट्र विधानसभा के चल रहे मॉनसून सत्र के दौरान महायुति सरकार को घेरने की रणनीति बनाना था.
मॉनसून सत्र के पहले दिन पार्टी के 'शिवालय' ऑफिस में यह बैठक हुई. दिलचस्प बात यह है कि ठीक उसी समय महज 500 मीटर दूर यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में शिवसेना (UBT) के छह सांसद शिंदे के नेतृत्व वाले विरोधी गुट में शामिल हो रहे थे.
शिवसेना यूबीटी की इस अहम मीटिंग में 3 विधायकों और 1 एमएलसी के नहीं पहुंचने से चर्चाएं एक बार फिर से शुरू हो गईं हैं. हालांकि इन विधायकों ने अपनी गैरहाजिरी के बारे में पार्टी को पहले ही बता दिया था कि वे बैठक में नहीं आ पाएंगे. उन्होंने अपनी गैर-मौजूदगी के लिए MLC चुनाव, खराब सेहत और निजी कामों का हवाला दिया.
विधायक संजय देरकर, राहुल पाटिल और संजय पोतनीस तथा MLC सुनील शिंदे बैठक में मौजूद नहीं थे. जबकि MLC सुनील शिंदे भी बैठक में शामिल नहीं हुए. सुनील शिंदे ने ही आदित्य ठाकरे के लिए अपनी वर्ली सीट खाली की थी.
संजय पाटिल ने कहा कि वह विधान परिषद चुनावों की मतगणना की प्रक्रिया में व्यस्त थे और परभणी में ठाकरे के आगामी दौरे की तैयारियों को देख रहे थे. सुनील शिंदे नेबताया कि वह अपने गृहनगर चिपलूण में थे और मुंबई लौट रहे थे. पोटनीस ने बैठक में शामिल न होने का कारण नहीं बताया, लेकिन जोर देकर कहा कि वह शिवसेना (UBT) के साथ हैं.
महाराष्ट्र विधानसभा में सेना (UBT) के 20 विधायक और 6 MLC हैं. बैठक एक घंटे तक चली और सभी विधायकों ने ताकत दिखाने के लिए उद्धव के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई.
सेना (UBT) के MLC अंबादास दानवे ने कहा कि यह शिवसेना (UBT) विधायक दल की बैठक थी. हमने किसानों, आम लोगों और मुंबई के मुद्दों के साथ-साथ विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे इलाकों और वहां पानी की किल्लत के मुद्दों को उठाने पर चर्चा की. सेना (UBT) विधानसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. इसलिए हमें आक्रामक और व्यवस्थित तरीके से काम करना होगा. बुधवार को महा विकास अघाड़ी (MVA) की बैठक भी बुलाई गई है. हम अभी भी विपक्ष के नेता (LoP) के पद पर दावा कर रहे हैं.