महाराष्ट्र की सियासत के लिए सोमवार का दिन बड़ा होने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद बागी हो गए हैं और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में दोपहर तीन बजे शामिल हो सकते हैं. प्रदेश में चल रहा ये घटनाक्रम उद्धव ठाकरे लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब 17 जून को दिल्ली में हुई शिवसेना (यूबीटी) के बैठक में कई सांसद शामिल नहीं हुए थे. इनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर शामिल हैं.
मौजूदा समय में लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के नौ सांसद हैं. दो-तिहाई संख्या के लिए छह सांसदों की जरूरत होती है.
हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल अष्टीकर ने तो पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह शिवसेना में जा रहे हैं. उनका है कि 18 जून तक कई सांसदों ने कोई फैसला नहीं किया था, लेकिन उसके बाद हुई कुछ टिप्पणियों ने हमें सोचने को मजबूर कर दिया. अब पार्टी में बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.
पाटिल अष्टीकार का कहना है कि उनका उद्धव ठाकरे या संजय राउत से कोई मतभेद नहीं है. न ही पार्टी के विचारधारा से कोई दिक्कत है. बस एक शिवसेना को छोड़कर दूसरे शिवसेना में जा रहा हूं.
उन्होंने पार्टी बदलने के पीछे डेवलपमेंट में धन राशि की वजह से आ रही बाधा, विपक्ष की सीमाओं को बताया है. इसके साथ ही हालिया निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और मिली हार को मुख्य कारण बताया है.
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ऐसा नहीं है पार्टी में टूट को देखते हुए उद्धव ठाकरे कुछ नहीं कर रहे हैं. उन्होंने अपना संदेश पार्टी विधायक कैलास पाटिल और वरुण सरदेसाई के जरिए दूसरे बागी सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर को पहुंचाया था. इसके अलावा दोपहर 2:30 बजे उद्धव ने पार्टी के सभी विधायकों और एमएलसी को पार्टी कार्यालय में बुलाया है. वह सभी को संबोधित करेंगे.
प्रदेश में चल रहे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी है. उनसे जब शिवसेना में टूट के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सफल रहा और शरीर पूरी तरह स्वस्थ है.'
वहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह जब भी कोई ऑपरेशन शुरू करते हैं तो पूरा करके ही छोड़ते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ बड़ा होने वाला है. जल्द ही बड़ी खबर सबको मिलेगी.
दूसरी ओर उद्धव ठाकरे ने पार्टी में चल रहे टूट को लेकर कहा कि वो निराश नहीं है. इसके लिए उन्होंने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना है कि उनकी शिवसेना ही असली शिवसेना है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी शिवसेना पर कब्जा करना चाहती है.