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राज्यपाल के बयान पर आगबबूला उद्धव, बोले- समय आ गया है, कोश्यारी वापस जाएं या जेल भेजे जाएं

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बयान की तीखी आलोचना की है. उन्होंने राज्यपाल से माफी की मांग करते हुए कहा है कि अब ये तय करने का समय आ गया है कि वो घर वापस जाएंगे या जेल? कोश्यारी के इस बयान की लगातार आलोचना हो रही है.

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भगत सिंह कोश्यारी और उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
भगत सिंह कोश्यारी और उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के ‘तो मुंबई में पैसा ही नहीं बचेगा’ वाले बयान पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. एकनाथ शिंदे सरकार उनके बयान से पहले ही किनारा कर चुकी है. वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अब राज्यपाल से उनके बयान के लिए माफी की मांग की है. साथ ही कहा है कि अब तय करने का समय आ गया है कि वो (राज्यपाल) जेल जाएंगे या राज्य से वापस जाएंगे.

‘हिंदुओं को बांट रहे राज्यपाल’

उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर आरोप लगाया है कि वो मुंबई और ठाणे में शांति से रह रहे हिंदुओं को बांटने का काम कर रहे हैं. ‘मातोश्री’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा- राज्यपाल के मन में मराठी लोगों के प्रति जो घृणा है, वह अनजाने में ही बाहर आ गई है. उन्होंने राज्यपाल से मराठी लोगों से माफी मांगने के लिए कहा है. 

उद्धव ठाकरे ने कहा- राज्यपाल सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करने की अपनी ड्यूटी को सही से नहीं निभा रहे हैं. हिंदुओं को बांटने का काम करके उन्होंने अपराध किया है.

ठाकरे ने आरोप लगाया- राज्यपाल हिंदुओं के बीच बंटवारा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो सदियों से राज्य में सौहार्दपूर्ण तरीके से साथ रह रहे हैं. भले उनकी जाति, समुदाय और धर्म अलग हैं. अब ये तय करने का समय आ गया है कि या तो कोश्यारी को वापस भेजा जाए या उन्हें जेल भेजा जाए. महाराष्ट्र में रहने के बावजूद पिछले 3 साल में उन्होंने मराठी बोलने वालों का अपमान किया है. और अब ऐसे बयान से उन्होंने राज्यपाल के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है.

1992 के दंगों में बचाई हिंदुओं की जान

उद्धव ठाकरे ने कहा-1992 के दंगों के दौरान शिवसेना ने ठाणे और मुंबई में हिंदुओं की जान बचाई. तब उसने ये नहीं देखा कि वो मराठी भाषी हैं या नहीं. मैं ये कहना चाहता हूं कि मैं राज्यपाल के पद का अपमान नहीं करना चाहता, क्योंकि ये बड़ा पद है. लेकिन जो लोग इस पद पर बैठे हैं उन्हें भी इसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि मराठी लोग राज्यपाल के बयान से आहत हैं. महाराष्ट्र को मुंबई उन्होंने गिफ्ट नहीं की है. बल्कि संयुक्त महाराष्ट्र अभियान के दौरान मुंबई के लिए लोगों ने अपना बलिदान दिया है.

कोल्हापुरी चप्पल दिखाने का वक्त

उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने (कोश्यारी) ने मराठी लोगों का अपमान किया है. अब उन्हें दुनियाभर में प्रसिद्ध कोल्हापुरी चप्पल दिखाने की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग मुंबई पर नजर रखे हुए हैं. उनकी निगाह यहां की संपत्ति पर है और गवर्नर ने सार्वजनिक तौर पर ये कह भी दिया है. 

गौरतलब है कि कोश्यारी शुक्रवार शाम को एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. जहां उन्होंने कहा था कि अगर गुजराती और राजस्थानी मुंबई से चले जाएं तो मुंबई में पैसा ही नहीं बचेगा और ये देश की आर्थिक राजधानी नहीं रह जाएगी. उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया. वहीं राज्यपाल ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, उनकी मंशा किसी की मेहनतकश मराठी भाषी लोगों की भावनाएं आहत करने की नहीं थी.

 

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