महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित धर्म परिवर्तन मामले में फरार चल रही निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. करीब 25 दिनों से पुलिस को चकमा दे रही निदा खान को छत्रपति संभाजी नगर जिले के नारेगांव इलाके से हिरासत में लिया गया. गिरफ्तारी के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर ट्रांजिट वारंट की प्रक्रिया पूरी कर नासिक लाया गया है.
इससे पहले 27 अप्रैल को निदा खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नासिक कोर्ट में दोनों पक्षों ने जोरदार बहस की थी. सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने SIT द्वारा जांच के दौरान इकट्ठा किए गए चौंकाने वाले सबूत रखे कि कैसे निदा खान ने पीड़ित लड़की को दूसरे धर्म के तौर तरीके सिखाकर धर्म बदलने के लिए जाल बुना था. अब गिरफ्तारी के बाद देखना ये है निदा अपने मुंह से टीसीएस कांड के और कौन से नए राज खोलती है.
2022 में TCS से जुड़ी, 2025 में लिया ट्रांसफर
पुलिस जांच के मुताबिक निदा खान साल 2022 से टीसीएस नासिक बीपीओ में कार्यरत थी. बाद में साल 2025 के आखिर में उसने ट्रांसफर लिया और अपने पति के साथ पहले भिवंडी और फिर ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में रहने लगी. इस दौरान उसने मुंबई के हिरानंदानी पवई और मलाड स्थित टीसीएस बीपीओ केंद्रों में भी कुछ समय तक काम किया.
मामले में सबसे पहले सामने आई पहली पीड़िता ने 26 मार्च को दर्ज कराई गई एफआईआर में निदा खान, दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को आरोपी बनाया था. शिकायत में धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे.
निदा के मायके से ससुराल तक बार-बार छापेमारी
एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन यानी 27 मार्च को दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि निदा खान फरार हो गई थी. इसके बाद नासिक पुलिस की एसआईटी लगातार उसकी तलाश में जुटी रही. पुलिस टीमों ने नासिक स्थित उसके घर, भिवंडी में ससुराल, मुंबई के भेंडी बाजार में रिश्तेदारों के ठिकानों, मुंब्रा स्थित पति के घर और नासिक में मौसी के घर समेत कई जगहों पर बार-बार छापेमारी की.
मौसी और रिश्तेदारों के साथ छुपी थी फ्लैट में
इस बीच निदा खान ने 17 अप्रैल को नासिक रोड कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया. 20 अप्रैल और 27 अप्रैल को इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई हुई. आखिरकार 2 मई को अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी. पुलिस को 7 मई को सूचना मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजी नगर के कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में अपनी मौसी और अन्य रिश्तेदारों के साथ छिपी हुई है. इसके बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है.
कंपनी का आड़ में बहुत कुछ कर रही थी निदा
मामला खुलने के बाद सरकारी पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया था कि निदा खान और अन्य आरोपियों ने टीसीएस के अंदर शिकार बनाए गए जूनियर कर्मचारियों को अपना धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने का दबाव बनाया था. इसके लिए उन्हें बुर्का उपलब्ध कराया गया और इस्लाम से जुड़ी एक धार्मिक किताब भी दी गई थी. साथ ही उनके मोबाइल फोन में धार्मिक शिक्षा से जुड़े कई एप्लीकेशन इंस्टॉल किए गए थे.
बताया गया कि निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाती थी, जहां उन्हें नमाज़ पढ़ने के तरीके, हिजाब और बुर्का पहनने की ट्रेनिंग दी जाती थी. जांच में यह भी सामने आया कि धर्म परिवर्तन के बाद पीड़ितों का नाम बदलने की योजना थी. पुलिस जांच के दौरान पीड़ितों के मोबाइल फोन से कई इस्लामिक रील्स, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट भी बरामद हुए, जिन्हें मामले में अहम सबूत माना जा रहा है.
कहां से हुआ खेल का खुलासा?
जानकारी के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस से शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया था कि एक निजी कंपनी में कार्यरत हिंदू महिला रमजान के दौरान रोजे रख रही है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ और मामले की गुप्त जांच शुरू की गई, जिसने बाद में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए.
जांच के तहत पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग कर्मचारी बनाकर कंपनी में भेजा, ताकि अंदर चल रही गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इन अधिकारियों ने कंपनी के भीतर की गतिविधियों की बारीकी से निगरानी की और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए.
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि कुछ टीम लीडर अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर कर्मचारियों को निशाना बनाते थे. आरोप है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जाता था. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी फरार थी.
फ्लैट में छुपी निदा, 25 दिन बाद गिरफ्तार
इतने सब के बाद लगातार करीब 25 दिनों तक पुलिस से बचती रही निदा खान को आखिरकार छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद उसकी पहली तस्वीर भी सामने आई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा खान बीते कुछ दिनों से कैसर कॉलोनी में स्थित एक फ्लैट में छिपकर रह रही थी. चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके साथ उसके चार रिश्तेदार भी उसी फ्लैट में मौजूद थे.
पुलिस को लगातार उसके ठिकाने बदलने की सूचनाएं मिल रही थीं, लेकिन वह हर बार जांच एजेंसियों को चकमा देने में सफल हो जाती थी. आखिरकार नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे हिरासत में ले लिया गया. बताया जा रहा है कि रात करीब 11:30 बजे पुलिस टीम ने उसे डिटेन किया.
गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले उसका मेडिकल और स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. इसके बाद ट्रांजिट वारंट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे संभाजी नगर की अदालत में पेश किया गया. अब पुलिस उसे नासिक ले जाएगी, जहां आज उसे कोर्ट में पेश किया जाना है.