मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक जाम के बीच उद्योगपति और पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया. डॉ. मेहता करीब आठ घंटे तक एक्सप्रेसवे पर जाम में फंसे रहे. इसके बाद उन्हें सुरक्षित पुणे पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली गई.
डॉ. सुधीर मेहता ईकेए मोबिलिटी और पिनैकल इंडस्ट्रीज के प्रमुख भी हैं. एयरलिफ्ट के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जाम की हवाई तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने बताया कि गैस टैंकर की घटना के बाद हाई स्पीड कॉरिडोर पर ट्रैफिक बुरी तरह बाधित हुआ और लाखों लोग कई घंटों तक फंसे रहे.
(ड्रोन फुटेज साभार: सतीश साठे)
हेलिकॉप्टर से कराया गया एयरलिफ्ट
डॉ. मेहता ने एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन तैयारी को लेकर चिंता जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के लिए बेहतर निकासी व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर वाहनों को वापस मोड़ा जा सके.
Lacs of people are stuck on the #Mumbai #Pune expressway for the last 18 hours for “one gas tanker “ . For such emergencies we need to plan exits at different points on expressway which can be opened to allow vehicles to return. Helipads cost less than Rs 10 lacs to make and… pic.twitter.com/u2EooiKjh3
— Dr. Sudhir Mehta (@sudhirmehtapune) February 4, 2026
(ड्रोन फुटेज साभार: सतीश साठे)
इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट और हेलिपैड बनाने की उठी मांग
उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि एक्सप्रेसवे के पास कई जगहों पर हेलिपैड बनाए जाने चाहिए, जिससे आपात स्थिति में तेजी से लोगों को निकाला जा सके. डॉ. मेहता के अनुसार हेलिपैड कम लागत में बनाए जा सकते हैं और इसके लिए कम खुली जमीन की जरूरत होती है. डॉ. मेहता ने एविएशन कंसल्टेंट और एयर वेटरन नितिन वेल्डे का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने हेलिकॉप्टर व्यवस्था में मदद की और उन्हें पुणे सुरक्षित लौटने में सहायता की. बताया जा रहा है कि इस रूट पर वाहनों के लिए दो लेन खोल दी गई हैं. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक सामान्य होने में देर रात तक का समय लग सकता है.