महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की लोकल ट्रेन में बारिश के दौरान गेट खुला रखने या बंद करने को लेकर हुए झगड़े में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. मरने वाले युवक का नाम मयंक लोहार था और उसकी उम्र 22 साल थी. इस मामले में आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया. अब मयंक के परिवार ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है.
यह घटना मंगलवार रात करीब 10.50 बजे चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में हुई. ट्रेन अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच चल रही थी और उसके फर्स्ट क्लास डिब्बे में बारिश का पानी अंदर आ रहा था. इसी बात पर यात्रियों के बीच बहस शुरू हो गई कि गेट खुला रखा जाए या बंद किया जाए. यह बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने चाकू निकाल लिया और मयंक के सीने और पेट पर वार कर दिया. मयंक वहीं डिब्बे में गिर गया और आरोपी चलती ट्रेन से बोरीवली स्टेशन के पास कूदकर भाग गया.
ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचने पर रेलवे के अधिकारी, जीआरपी और आरपीएफ के लोग मौके पर पहुंचे. मयंक को पहले स्टेशन के मेडिकल रूम और फिर पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
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घटना के वीडियो बुधवार सुबह तक वायरल हो गए, जिसके बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे.
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपी को पकड़ने के लिए सात स्पेशल टीमें बनाई गईं. पुलिस ने बोरीवली, अंधेरी, मीरा रोड और नालासोपारा स्टेशनों की 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसी आधार पर आरोपी की पहचान सचिन रमेश सुवर्णा के रूप में हुई, जो मीरा रोड ईस्ट का रहने वाला है. उसे बुधवार को नवी मुंबई के पनवेल इलाके से पकड़ा गया.
मयंक की मौत के बाद उनका परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है. मयंक की बहन ने कहा कि उन्हें फांसी की सजा चाहिए क्योंकि उनका सब कुछ खत्म हो गया है.