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क्या मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई शिफ्ट होंगी एयरलाइंस, आज फैसले का दिन

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 से एयरलाइंस के संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव विवाद का कारण बन गया है.

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मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों के लिए बंद हो जाएगा. (File Photo)
मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों के लिए बंद हो जाएगा. (File Photo)

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) के टर्मिनल-1 से एयरलाइंस का संचालन अस्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव है. इसे लेकर पोर्ट्स और एयरलाइन कंपनियों के बीच टकराव पैदा हो गया है. इस मुद्दे पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) आज बैठक करेगा.

सूत्रों के मुताबिक, बैठक दोपहर करीब 2 बजे मंत्रालय में होगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इसमें अडानी एयरपोर्ट्स और एयरलाइन कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. असल में एयरलाइन ऑपरेटरों से मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से अपना संचालन अस्थायी रूप से रोकने को कहा है. एयरलाइंस को अपना संचालन नवी मुंबई शिफ्ट करने का विकल्प दिया गया है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है.

IATA ने जबरन शिफ्टिंग का किया विरोध

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने भी इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा को चिट्ठी लिखकर 'जबरन ट्रांसफर' पर आपत्ति जताई थी. IATA ने कहा कि वह एयरलाइंस को जबरन ट्रांसफर करने का मूल रूप से विरोध करता है. किसी भी तरह की शिफ्टिंग/ट्रांसफर स्वैच्छिक, व्यावसायिक और परिचालन के लिहाज से व्यावहारिक होना चाहिए. साथ ही इसके लिए व्यापक ऑपरेशनल रेडीनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर (ORAT) प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए और एयरलाइन कंपनियों से विचार-विमर्श तथा सहमति होनी चाहिए.

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IATA के मुताबिक, एयरलाइंस की शिफ्टिंग उनके संचालन पर बड़ा असर डालता है. दुनिया में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां व्यस्त हवाई अड्डों पर मौजूदा क्षमता बरकरार रखते हुए बड़े स्तर पर पुनर्विकास किया गया है. इसके लिए अस्थायी सुविधाएं विकसित करने और चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट के भीतर ही संचालन स्थानांतरित करने जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं.

चार से पांच साल लग सकता है पुनर्विकास में

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास में चार से पांच साल लग सकते हैं. एयरलाइंस ने नवी मुंबई शिफ्टिंग को लेकर अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के साथ ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ और क्रू के रहने जैसी परिचालन जरूरतों को लेकर भी चिंता जताई है.

IATA ने सितंबर में मंत्रालय को भेजे गए अपने लेटर में कहा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के स्लॉट आवंटन दिशानिर्देश और अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक क्षमता संबंधी बाधाओं और स्लॉट की उपलब्धता का आकलन पारदर्शी समन्वय प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए. इसमें क्षमता का विश्लेषण और प्रभावित पक्षों से विचार-विमर्श भी शामिल होना चाहिए.

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