महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निगमों को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने साफ किया है कि कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर और ठाणे नगर निगमों में महायुति के मेयर होंगे. उन्होंने कहा कि तीनों नगर निगमों में महायुति को स्पष्ट जनादेश मिला है और उसी के अनुरूप नगर निगमों की सत्ता बनाई जाएगी.
रवींद्र चव्हाण के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे से लौटने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा. इसके बाद मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच एक संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मेयर पद को लेकर औपचारिक मुहर लगेगी.
चव्हाण ने यह भी बताया कि वह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले सप्ताह तीनों नगर निगमों में मेयर पद को लेकर विस्तार से चर्चा कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करते हुए महायुति ही तीनों नगर निगमों में प्रशासन चलाएगी.
कल्याण-डोंबिवली में मनसे का 'मास्टरस्ट्रोक'
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में एक दिलचस्प राजनीतिक समीकरण सामने आया है. यहां राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे (MNS) के 5 नवनिर्वाचित पार्षदों ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. 122 सदस्यीय इस सदन में शिवसेना 53 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि उसकी सहयोगी बीजेपी के पास 50 सीटें हैं.
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अब मनसे के 5 पार्षदों के समर्थन के बाद गठबंधन की कुल संख्या 108 हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है. यह कदम उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि बीएमसी चुनाव में मनसे और UBT ने मिलकर चुनाव लड़ा था.
ठाणे और उल्हासनगर का गणित
ठाणे (TMC) 131 सीटों वाले ठाणे नगर निगम में शिवसेना ने 75 वार्ड जीतकर अपना दबदबा कायम रखा है. गठबंधन सहयोगी बीजेपी के पास 28 सीटें हैं. बहुमत के लिए 66 सीटों की आवश्यकता है, जिसे महायुति ने आसानी से पार कर लिया है.
उल्हासनगर (UMC)
उल्हासनगर नगर निगम के 78 सदस्यीय सदन में बीजेपी और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ते हुए क्रमशः 37 और 36 सीटें जीती हैं. यहां भी महायुति बिना किसी बाधा के अपनी सत्ता स्थापित करेगी. इसके अलावा शिवसेना को वंचित बहुजन आघाड़ी के दो नवनिर्वाचित पार्षदों का समर्थन भी मिला है.
मुंबई (BMC) की बारी- 22 जनवरी को निकलेगी लॉटरी
देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बीएमसी (BMC) में मेयर पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया 22 जनवरी को शुरू होगी. महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग ने मंत्रालय में लॉटरी (Draw of Lots) निकालने के आदेश जारी किए हैं. इस लॉटरी से तय होगा कि मेयर का पद किस श्रेणी (सामान्य, महिला, एससी, एसटी या ओबीसी) के लिए आरक्षित होगा.
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मुंबई में बीजेपी 227 में से 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि शिंदे की शिवसेना के पास 29 सीटें हैं. करीब 30 साल बाद ठाकरे परिवार के हाथ से बीएमसी की सत्ता फिसल गई है. हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन महायुति का कुल आंकड़ा बहुमत के करीब पहुंच रहा है.
मुंबई मेयर पद के लिए 22 जनवरी को लॉटरी मुंबई (BMC) सहित 29 नगर निगमों के लिए मेयर पद के आरक्षण का फैसला 22 जनवरी को मंत्रालय में 'ड्रॉ ऑफ लॉट्स' (लॉटरी) के जरिए होगा. इसके बाद ही तय होगा कि मेयर पद सामान्य श्रेणी के लिए होगा या आरक्षित. मुंबई में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.