
महाराष्ट्र के जालना में पेट्रोल और डीजल को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और पैनिक के कारण शहर के कई पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जबकि जिन पंपों पर अभी-भी ईंधन उपलब्ध है, वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.
इसी तरह चौधरी नगर इलाके के एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध होने की खबर फैलते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. देखते-ही-देखते पंप पर लंबी कतारें लग गईं और भीड़ बेकाबू होने लगी. जब प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया. अब हर वाहन को पुलिस की मौजूदगी में ही तेल दिया जा रहा है, ताकि कतारों में विवाद न हो. शहर के बाकी पंप बंद होने से इस पेट्रोल पंप पर दबाव काफी बढ़ गया है.
आपूर्ति विभाग ने लागू की राशनिंग
इसके पूरे घटनाक्रम के बाद जालना का आपूर्ति विभाग भी तुरंत हरकत में आ गया और स्थिति को देखते हुए पेट्रोल-डीजल पर राशनिंग लागू कर दी. नई गाइडलाइन के मुताबिक, किसी भी दोपहिया वाहन चालक को 200 रुपये से अधिक का पेट्रोल नहीं मिलेगा.
वहीं, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए ये लिमिट 2000 रुपये तय की गई है. पंप संचालकों को आदेश दिया गया है कि वो किसी को भी बोतल या कैन में तेल न दें, अगर वो ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जिले में ईंधन की आपूर्ति को फिर से सुचारू बनाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं. प्रशासन ने पेट्रोल पंप मालिकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है.
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वो संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस की तैनाती से अफरा-तफरी कम हुई है.