मध्य प्रदेश में सियासी संकट बरकरार है. हालांकि, कांग्रेस ने दावा किया है कि संकट टल गया है, लेकिन कांग्रेसी नेताओं के बयान से ऐसा लगता नहीं है. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार के मंत्री उमंग सिंघार पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भाषा बोलने का आरोप लगाया.
दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार ने कहा कि ये बीजेपी का ऑपरेशन लोटस नहीं ऑपरेशन मनी बैग था. हमारी सरकार सुरक्षित है और पांच साल के लिए सरकार चलाएगी. वे कह रहे हैं कि हमारी सरकार सिर्फ तीन महीने चलेगी. इत्तेफाक की बात है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर मेरे खिलाफ बीजेपी और उमंग सिंघार एक ही भाषा बोल रहे हैं.
कई दिनों दोनों नेताओं में चल रही जुबानी जंग
दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार में वर्चस्व की लड़ाई काफी दिनों से चल रही है. वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को खत लिखा था. उमंग का आरोप है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ काम करना चाहते हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह उनको काम नहीं करने देना चाह रहे हैं. जब दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे रहकर सरकार चला रहे हैं, तो उनको चिट्टी लिखने की आवश्यकता क्यों?
Congress leader Digvijaya Singh in Bhopal: State Cabinet expansion should be done after the budget session of the assembly.
— ANI (@ANI)
बजट के बाद होगा मंत्रिमंडल विस्तार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल विस्तार विधानसभा के बजट सत्र के बाद किया जाना चाहिए. इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार देर रात एक अहम बैठक की. इस बैठक में बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी और संजय पाठक भी मौजूद थे.
MP में सियासी ड्रामा
कमलनाथ सरकार गिराने और बचाने की शुरूआत 3 मार्च से हुई थी. गुरुग्राम के एक होटल में बीजेपी पर 6 निर्दलीय और 4 कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगा. उसी वक्त कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह विधायकों को वापस लाने पहुंचे थे. इस बीच चार विधायक बीजेपी के खेमे हैं, जिसमें से हरदीप सिंह डंग के इस्तीफे की खबर है.