भूमिगत जल का भरपूर दोहन हर किसी के लिए एक विकराल समस्या का रुप ले चुका है. नदियों पर अतिक्रमण, व पेड़ों की कटाई इसके लिए मुख्य वजहें हैं. पहले भूमिगत जल का स्तर मई के महीने में नीचे जाता था, जो समय के साथ फरवरी पर शिफ्ट हो चुका है. क्या ये हमारे लिए किसी चेतावनी की आहट है?