झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. अवैध कोयला खदान के भीतर जहरीली गैस के रिसाव और ऑक्सीजन की भारी कमी ने चार युवकों की जान ले ली. यह घटना पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का कारण बन गई है.
मिली जानकारी के अनुसार, खदान के भीतर पहले दो मजदूर कोयला निकालने के लिए घुसे थे. अचानक गैस रिसाव होने से वे अंदर ही फंस गए. उन्हें बचाने के लिए दो अन्य युवक भी खदान में उतरे, लेकिन जहरीली गैस के प्रभाव में चारों वहीं बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई.
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स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी प्रशासन को दी, जिसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. हालांकि खदान की गहराई और जहरीली गैस के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं.
रेस्क्यू ऑपरेशन में घंटों चला संघर्ष
रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे. इसके साथ ही सीसीएल अरगड्डा माइंस रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया. टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद चारों मजदूरों को खदान से बाहर निकाला.
उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध कोयला खनन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रहे ऐसे खनन स्थलों पर प्रशासन की निगरानी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन कौन कर रहा था. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.
चार परिवारों में कोहराम
मृतकों की पहचान देव कुमार बेदिया (25), डब्ल्यू बेदिया (26), किशोर रवानी (26) और आशीष रजवार (29) के रूप में हुई है. सभी मजदूर आसपास के ही इलाकों के रहने वाले थे.
हादसे की खबर मिलते ही गांवों में कोहराम मच गया. परिजन बार-बार बेसुध हो रहे हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
इलाके में तनाव और आक्रोश
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध खदानों को बंद कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था.
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और खदान से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है.