झारखंड के गिरिडीह जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक भी किया है और सोचने पर भी मजबूर कर दिया है. सरिया स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल राजदह धाम में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का श्राद्ध और पिंडदान कर दिया. बताया जा रहा है कि तय शादी से ठीक पहले बेटी की लव मैरिज से आहत पिता ने यह कदम उठाया.
सोशल मीडिया पर दी शादी की जानकारी
जानकारी के अनुसार, मामला कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र से जुड़ा है. यहां रहने वाली एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ घर छोड़ दिया और बाद में उससे विवाह कर लिया. विवाह के बाद दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके जरिए परिवार को इस शादी की जानकारी मिली.
परिजनों का कहना है कि युवती की शादी 20 जून 2026 को तय थी और विवाह की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. परिवार रिश्तेदारों को निमंत्रण देने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में जुटा हुआ था. इसी बीच 12 जून की रात युवती घर से चली गई. कुछ दिनों बाद उसकी शादी की खबर सामने आई.
'बेटी के लिए कई सपने देखे थे लेकिन...'
बेटी के इस कदम से परिवार को गहरा मानसिक और सामाजिक आघात पहुंचा. पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए कई सपने देखे थे और उसकी शादी की तैयारियों में काफी समय, मेहनत और धन लगाया था. अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
मंगलवार को पिता अपने परिजनों और गांव के कुछ लोगों के साथ सरिया स्थित राजदह धाम पहुंचे. यहां उत्तरवाहिनी बराकर नदी के तट पर पुरोहितों की मौजूदगी में उन्होंने बेटी का प्रतीकात्मक चित्र बनवाया और विधि-विधान से पिंडदान कराया.
लव मैरिज के बदले पिंडदान
हिंदू परंपरा में मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है, लेकिन जीवित बेटी के नाम पर इस तरह का अनुष्ठान किए जाने की घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
घटना के बाद क्षेत्र में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ लोग इसे एक पिता की भावनात्मक पीड़ा और सामाजिक दबाव का परिणाम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बदलते समय में परिवारों और युवाओं के बीच संवाद की कमी ऐसे विवादों को जन्म दे रही है.
फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के बीच प्रेम विवाह, पारिवारिक सम्मान तथा सामाजिक परंपराओं को लेकर बहस छिड़ गई है.