झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सिक्किम-नागालैंड और त्रिपुरा के संगठन प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार ने मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में नमाज कक्ष आवंटित करने को लेकर सलाह दी है.
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार ने सीएम हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखकर धर्म को राजनीति से अलग रखने की मांग की है. उन्होंने लिखा है कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है. इसे किसी भी प्रकार के धार्मिक प्रथा से दूर रखा जाना चाहिए .
भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।
— Dr. Ajoy Kumar (@drajoykumar)
विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है,इसे किसी भी प्रकार के धार्मिक संबंधित प्रथा से दूर रखा जाना चाहिए.
झारखंड विधानसभा मुद्दे पर मैंने आज एक पत्र के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को अपनी राय दी .
डॉक्टर अजय कुमार ने बीजेपी और सरकार दोनों को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा कि भारत जैसा देश जहां हिंदू मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्म आदि जैसे विविध धर्म हैं. लेकिन फिर भी लोग भाई-बहन और दोस्तों की तरह एकजुट रहते हैं. इसलिए यदि कोई राजनीतिक दल किसी विशेष धर्म का समर्थन करता है तो अशांति पैदा होने की आशंका बनेगी.
बता दें कि नमाज के लिए कमरा अलॉट किए जाने के फैसले के विरोध में बुधवार को विधानसभा के अंदर और बाहर जमकर बवाल हुआ था. अंदर विधायकों ने हंगामा और प्रदर्शन किया तो वहीं बाहर बीजेपी के हजारों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की.