साल 2026 में देश के कई हिस्सों में मौसम में समय से पहले ही बदलाव देखने को मिल रहे हैं. कई जगहों पर समय से पहले तापमान में बढ़त देखने को मिल रही है. वहीं कश्मीर में भी अब बादाम के फूल सामान्य समय से पहले ही खिल गए हैं. फरवरी के तीसरे हफ्ते में ही घाटी सफेद और गुलाबी रंगों से सज गई है.
कुछ ही दिन पहले तक यहां हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई थी. फरवरी के पहले हफ्ते में कश्मीर में अच्छी खासी बर्फबारी हुई थी. लेकिन जैसे-जैसे बर्फ पिघली, मौसम भी बदलने लगा. जो पेड़ पूरी तरह बर्फ से ढके हुए थे, वे अब फूलों से भरे नजर आ रहे हैं.
आमतौर पर ये फूल मार्च के पहले हफ्ते में खिलते हैं और सर्दी से बसंत के आने का संकेत देते हैं. लेकिन इस बार फूल जल्दी आने से लोगों, किसानों और मौसम विशेषज्ञों का ध्यान गया है. बताया जा रहा है कि सर्दियों में तापमान ज्यादा रहने और बर्फ कम गिरने की वजह से फूल जल्दी आ गए हैं.
यह भी पढ़ें: सरसों की फसल पर कीटों का हमला! राजस्थान के किसान परेशान... बदलते मौसम ने बढ़ाई टेंशन
घाटी में बादाम के फूल बसंत की पहली निशानी माने जाते हैं, लेकिन इस बार ये करीब दो हफ्ते पहले ही दिखाई दे गए.
जहां एक तरफ लोग इस खूबसूरत नजारे को देखने पहुंच रहे हैं, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. जानकारों का कहना है कि अगर दोबारा ठंड बढ़ी या पाला पड़ा, तो इन नाजुक फूलों को नुकसान हो सकता है. इससे आगे चलकर फलों की पैदावार पर असर पड़ सकता है.
समय से पहले खिले ये फूल एक तरफ देखने में बहुत सुंदर हैं, लेकिन साथ ही यह भी दिखाते हैं कि इलाके में मौसम का पैटर्न बदल रहा है. हिमालयी क्षेत्र में यह बदलाव अब साफ नजर आने लगा है.
आमतौर पर कश्मीर में मेवों के पेड़ों में खासकर बादाम और चेरी ब्लॉसम मार्च के पहले हफ्ते में खिलते हैं. लेकिन इस बार फरवरी के तीसरे हफ्ते में ही इनका खिलना शुरू हो गया है. समय से पहले आई यह बहार किसानों के लिए चिंता का कारण बन रही है.