कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में मंगलवार (27 जनवरी) को भारी बर्फबारी हुई, जिसके चलते हाईवे पर यातायात ठप हो गया. भारी बर्फबारी की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया था. अब बुधवार को इसे आंशिक रूप से खोल दिया गया है.
पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सड़क के नाजुक हिस्सों पर सफाई अभियान चल रहा है, ताकि हाईवे को पूरी तरह से बहाल किया जा सके. बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानें भी बाधित रहीं. हालांकि अब बुधवार सुबह एयरपोर्ट पर उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं.
अधिकारियों ने कहा, 'सड़क साफ होने के बाद हाईवे पर दोनों दिशाओं से यातायात की इजाजत दे दी गई है.' हालांकि फिलहाल हाईवे पर सिर्फ हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) को ही चलने की अनुमति है. बता दें कि 270 किलोमीटर लंबा ये हाईवे घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला इकलौता सदाबहार सड़क मार्ग है.
सड़क पर नमक और यूरिया का छिड़काव
बर्फबारी के बाद पाले की वजह से सुबह राजमार्ग के कुछ हिस्से फिसलन भरे थे. ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के कर्मचारियों ने सड़क पर नमक और यूरिया का छिड़काव किया ताकि सुरक्षित ड्राइविंग की जा सके.
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ज्यादातर हिस्सों में तापमान से कई डिग्री नीचे
कश्मीर घाटी इस समय 'चिल्ला-ए-कलां' के अंतिम चरण में है. ऐसे में मंगलवार रात कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में तापमान हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर गया. जबकि श्रीनगर में रात का न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस और बारामूला का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि उम्मीद से ज्यादा था.
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कब तक रहेगा 'चिल्ला-ए-कलां' का दौर?
कश्मीर में 40 दिनों की सबसे ज्यादा ठंड की अवधि को 'चिल्ला-ए-कलां' कहते हैं. इस दौरान रात का तापमान अक्सर हिमांक बिंदू से कई डिग्री नीचे चला जाता है और बर्फबारी की संभावना सबसे ज्यादा होती है. कश्मीर में 21 दिसंबर 2025 को 'चिल्ला-ए-कलां' शुरू हुआ था जो अब 30 जनवरी को खत्म होगा.
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग की मानें तो बुधवार को कश्मीर के कुछ स्थानों पर हल्की बारिा बर्फबारी हो सकती है. इसके बाद 31 जनवरी तक बादल छाए रहेंगे, इसके बावजूद मौसम शुष्क रहेगा. 1 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, ऐसे में एक बार फिर बारिश हो सकती है.