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DSP अयूब पंडित की मौत के बाद एक बार फिर सकते में 'जन्नत'

हाल ही में सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार की तरह कई जवान आतंकियों की गोलियों का शिकार हो रहे हैं और डीएसपी अयूब पंडित की तरह शैतानों की भीड़ का शिकार हो रहे हैं.

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DSP की मौत से बिगड़ा घाटी का माहौल..
DSP की मौत से बिगड़ा घाटी का माहौल..

खूबसूरत जन्नत कहा जाने वाला कश्मीर अब जहन्नुम बनता जा रहा है. आवाम ही नहीं बल्कि यहां आवाम की रखवालों की जान भी खतरे में है. सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर हमले तेज़ हो रहे हैं. हाल ही में सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार की तरह कई जवान आतंकियों की गोलियों का शिकार हो रहे हैं और डीएसपी अयूब पंडित की तरह शैतानों की भीड़ का शिकार हो रहे हैं.

के साथ हुई घटना के बाद पूरा कश्मीर सकते में है. लेकिन कश्मीर में नफरत का जहर बोने वाले अलगाववादियों की नजर में एक पुलिस वाले की शहादत भी सवालों के घेरे में है. अलगाववादी नेता लाल बाघ ने कह दिया कि डीएसपी तो ड्यूटी पर थे ही नहीं. अलगाववादी नेता हिलाल वार ने कहा कि हाथों में हथियार लिए जन्नत में दहशत का खेल खेलने वाले और सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार की जिंदगी छीन लेने वाले जैसे दहशतगर्द हिलाल वार जैसे अलगाववादियों के लिए हीरो हैं.

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वहीं डीएसपी पंडित के घर मातम का माहौल है. जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह भी उनके परिवार से मिले. श्रीनगर में शैतानी हिंसक भीड़ का शिकार बने डीएसपी पंडित की शहादत याद दिलाती है अवंतीपोरा के रहने वाले सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार की, जो 16 जून को लश्कर के आतंकियों का शिकार हो गए थे. उस हमले में 6 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे.

8 बीत जाने के बाद भी एसएचओ फिरोज अहमद डार के घर मातम छाया है, डार के परिवार की आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे. पिता का कलेजा सूख चुका है तो मां की आंखें अभी भी बेटे के लिए नम हैं. फिरोज अहमद 6 साल की बेटी अभी भी अपने पापा का इंतजार करती है और उन यादों में इस मासूम की आंखों से भी आंसू निकल आते हैं.

की पत्नी को अपने पति की शहादत पर फक्र है लेकिन उसके जीवन में भी सवाल है कि आखिर उसके पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था. जेहन में सवालों के साथ कलेजे में लश्कर के आतंकियों के लिए गुस्सा भी उबल रहा है. फिरोज अहमद डार की पत्नी ने खुलेआम लश्कर के आतंकियों को चेतावनी दी है. मुबीना डार ने कहा कि "लश्कर के आतंकियों मैं एक दिन तुम्हें खोज निकालूंगी मैं तुम्हें नहीं छोडूंगी."

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पति खोने के बाद भी जम्मू कश्मीर पुलिस के शहीद सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद खान का परिवार सदमे में है लेकिन आतंकियों के खिलाफ मजबूत होकर खड़ा है. इरादे मजबूत है और आतंकियों से बेखौफ हैं. यह इशारा है जम्मू-कश्मीर की आवाम आतंकियों के खिलाफ डट कर मुकाबला करने के लिए खड़ी है. कश्मीर में एक शहीद का परिवार फुल कर लश्कर के आतंकियों को चेतावनी दे रहा है.

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