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सनसनीखेज खुलासा, भाई ने ही रची थी अपनी बहन की मौत की साजिश, मनीषा मर्डर केस में बड़ा खुलासा

शिमला के बहुचर्चित मनीषा मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि मृतका का भाई हिमांक मित्तल ही हत्या का मास्टरमाइंड था, जिसने अपने बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर साजिश रची थी. दोनों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मामले में सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है.

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मनीषा मर्डर केस के आरोपी अरेस्ट. (Photo: ITG)
मनीषा मर्डर केस के आरोपी अरेस्ट. (Photo: ITG)

शिमला के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतका का भाई हिमांक मित्तल था. पुलिस के अनुसार हिमांक मित्तल ने अपने बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर पूरी हत्या की साजिश रची थी. दोनों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक मृतका मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ लंबे समय से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने आगे चलकर हत्या की साजिश का रूप ले लिया. जांच में यह भी सामने आया कि हिमांक ही पूरे मामले का मास्टरमाइंड था और उसने योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम देने की तैयारी की थी.

अधिकारियों के अनुसार हिमांक मित्तल ने अपने बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर दो शूटरों को मनीषा मित्तल की हत्या की सुपारी दी थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक ने गोविंद के खाते में 8 लाख 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे. इस ट्रांजैक्शन को हत्या की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है.

बिजनेस पार्टनर के साथ मिलकर रची गई हत्या की साजिश

पुलिस ने बताया कि हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था. इसी के जरिए वह लगातार अपनी बहन मनीषा मित्तल की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और उसके आने जाने का पूरा मूवमेंट ट्रैक कर रहा था. इससे उसे वारदात की प्लानिंग में मदद मिली. जांच में यह भी सामने आया है कि गोविंद ने घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराए पर ली थी. इसी कार का इस्तेमाल दोनों शूटरों को वारदात के लिए ले जाने में किया गया. पुलिस के अनुसार गोविंद ने शूटर दीपक को पैसे भी ट्रांसफर किए थे. वारदात के बाद गोविंद फरार हो गया था और विदेश भी चला गया था.

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पुलिस के अनुसार विदेश से लौटने के बाद भी गोविंद ने अपना फोन बंद रखा और लगातार छिपने की कोशिश करता रहा. तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 28 जून को गोविंद को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया. उसे कोर्ट में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है. इसके बाद 29 जून को पुलिस ने मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल को भी रोहतक से ही गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है.

पुलिस अधिकारी एएसपी शिमला मेहर पंवर ने बताया कि तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का सफल खुलासा किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हत्या की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी और इसमें कई स्तरों पर साजिश शामिल थी. बता दें, 13 जून को शिमला के संजौली इलाके की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह वारदात एक निजी स्कूल के गेट के पास हुई थी, जहां दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए थे. गोली लगने से मनीषा मित्तल की मौके पर ही मौत हो गई थी.

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घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले. शुरुआती जांच में सामने आया था कि हमलावरों ने अपने चेहरे मास्क से ढक रखे थे. वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 15 जून को दो शूटरों आशीष एहलावत और दीपक को गिरफ्तार किया था.

रोहतक से दबोचे गए मास्टरमाइंड और साथी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए हरियाणा की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया गया था, जिस पर हिमाचल प्रदेश का फर्जी नंबर प्लेट लगाया गया था. पुलिस ने आरोपियों से हथियार भी बरामद कर लिए थे. मनीषा मित्तल अपने 17 वर्षीय बेटी के साथ स्कूल परिसर में ही रहती थीं. घटना के बाद उनकी बेटी को सुरक्षा प्रदान की गई है. पुलिस ने बताया कि परिवार के भीतर प्रॉपर्टी विवाद इस पूरे हत्याकांड की मुख्य वजह रहा है.

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