scorecardresearch
 

नो डिलीवरी, नो एंट्री! गुरुग्राम की सोसायटी में बकाया पर सख्ती, डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक

गुरुग्राम की उप्पल साउथ एंड सोसायटी में मेंटेनेंस बकाया को लेकर आरडब्ल्यूए ने डिफॉल्टरों के नाम गेट पर चस्पा कर दिए हैं. बकाया नहीं चुकाने वालों के लिए मेड एंट्री, कार वॉश और फूड डिलीवरी पर रोक की तैयारी है. वहीं, लिस्ट लगने के बाद रोज 4-5 लोग भुगतान कर रहे हैं. आरडब्ल्यूए ने सख्ती जारी रखने की बात कह रही है.

Advertisement
X
  नोटिस का नहीं हुआ असर!(Photo: Neeraj Vashishta/ITG)
नोटिस का नहीं हुआ असर!(Photo: Neeraj Vashishta/ITG)

गुरुग्राम के सोहना रोड स्थित उप्पल साउथ एंड सोसायटी में मेंटेनेंस बकाया को लेकर आरडब्ल्यूए ने सख्त रुख अपना लिया है. सोसायटी के गेट पर डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक कर दिए गए हैं और अब ऐसे घरों के लिए मेड एंट्री, कार वॉश और फूड डिलीवरी जैसी सुविधाओं पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है. इस कदम से सोसायटी में हलचल मच गई है.

आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी अनिल आनंद ने बताया कि पहले इसे केवल चेतावनी के रूप में लागू किया गया था, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा. उनका कहना है कि लंबे समय से बकाया नहीं चुकाने वालों के कारण सोसायटी के खर्च चलाने में परेशानी हो रही थी, इसलिए यह निर्णय लेना जरूरी हो गया.

यह भी पढ़ें: गुरुग्राम में महीने का खर्च ₹89,500, टेक प्रोफेशनल का बजट देख सोशल मीडिया पर बहस

जीबीएम बैठक के बाद लिया गया फैसला

आरडब्ल्यूए के मुताबिक, 8 फरवरी को हुई जीबीएम बैठक में सोसायटीवासियों ने बकाया वसूली के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की थी. इसके बाद ही डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक करने का फैसला लिया गया. पहले नोटिस और अपील के माध्यम से लोगों को भुगतान के लिए कहा गया, लेकिन उसका अपेक्षित असर नहीं हुआ.

Advertisement

सोसायटी में करीब एक हजार परिवार रहते हैं और सैकड़ों घरों पर लाखों रुपये का बकाया है. नोटिस बोर्ड पर नाम आने के बाद कुछ लोगों ने भुगतान शुरू किया, लेकिन अब भी कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने मेंटेनेंस नहीं भरा है.

गुरुग्राम

नाम सार्वजनिक होते ही असर

डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक होने का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. आरडब्ल्यूए के सदस्यों का कहना है कि लिस्ट लगने के बाद रोजाना 4 से 5 डिफॉल्टर अपने बकाया का भुगतान कर रहे हैं. सोसायटीवासी भी एक-दूसरे से समय पर भुगतान करने की अपील कर रहे हैं ताकि सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके.

आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी बकाया जमा नहीं होगा, यह सूची हटाई नहीं जाएगी. लिस्ट में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका 4-4 साल तक का बकाया पेंडिंग है. पहले सोसायटी इन पैसों पर निर्भर नहीं थी, लेकिन अब भुगतान आने से विकास कार्यों को गति मिली है.

गुरुग्राम

भुगतान से बढ़े विकास कार्य, प्रबंधन को उम्मीद

मेंटेनेंस राशि मिलने के बाद सोसायटी में कई सुधार कार्य शुरू किए गए हैं. हाल ही में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फ्लड लाइट की व्यवस्था की गई है और हरियाली बढ़ाने का काम भी शुरू हुआ है. मुख्य प्रवेश द्वार पर भी लंबे समय से लंबित सुधार कार्य पूरे किए गए हैं.

Advertisement

आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी अनिल आनंद का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सोसायटी को बेहतर बनाना है. उनका कहना है कि धीरे-धीरे भुगतान बढ़ने से प्रबंधन को उम्मीद है कि बाकी लोग भी जल्द बकाया चुका देंगे और सोसायटी की सुविधाएं और मजबूत होंगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement