फरीदाबाद में जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया. काम के बीच अचानक एक भारी क्रेन नीचे गिर गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई.
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हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी है.
वहीं, घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लगी हुई है और मौके पर अफरातफरी मची हुई है.
वहीं, आजतक के संवाददाता सचिन गौड़ ने मौके का जायजा लिया और बताया कि फरीदाबाद में दोपहर 2 बजे आई तेज आंधी आफत बनकर टूटी. जेवर एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हादसा हो गया. इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी, रेस्क्यू टीमें और अर्थ मूवर मशीनें मौजूद हैं. दरअसल, यहां फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान तेज आंधी के बीच एक विशाल क्रेन अनियंत्रित होकर हादसे का कारण बन गई.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोपहर में आई तेज आंधी के दौरान यह क्रेन लगभग 700 से 800 मीटर तक ट्रैक पर अनियंत्रित होकर आगे बढ़ती चली गई. बताया जा रहा है कि क्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली फेल हो गई या तेज हवाओं के दबाव में क्षतिग्रस्त हो गई, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. अनियंत्रित क्रेन आगे जाकर दूसरी क्रेन से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दूसरी क्रेन पास में बने एक कंटेनर ऑफिस पर जा गिरी. इस कंटेनर को निर्माण कंपनी ने अस्थायी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया हुआ था. हादसे के समय उसमें कई कर्मचारी मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए.
मौके पर प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. अब तक दो लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, इसलिए राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है. इस हादसे ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
यदि क्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली फेल हुई तो यह एक गंभीर तकनीकी चूक है. वहीं, क्रेन को रोकने के लिए लगाए गए सुरक्षा अवरोध (ब्लॉकेज) भी उसे रोकने में पूरी तरह विफल रहे और टूट गए. यानी शुरुआती तौर पर दो स्तरों पर चूक सामने आती दिख रही है. पहली, क्रेन के नियंत्रण तंत्र में और दूसरी, सुरक्षा अवरोधों की मजबूती में. फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है. हादसे के कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा.