गुजरात पुलिस ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सोशल मीडिया पर 'देशविरोधी' और सेना का मनोबल तोड़ने वाले पोस्ट साझा करने के मामले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इन पर भारतीय सेना के खिलाफ भ्रामक और नफरत फैलाने वाली बातें लिखने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें एक व्यवसायी और सरदार पटेल सम्मान संकल्प आंदोलन समिति के संयोजक भी शामिल हैं. ये एफआईआर गुजरात के विभिन्न जिलों खेड़ा, कच्छ (2-2 केस), जामनगर, जूनागढ़, वलसाड, बनासकांठा, आणंद, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, पाटण और पंचमहल में दर्ज की गई हैं.
राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) विकास सहाई के निर्देश पर सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है. किसी भी प्रकार के भड़काऊ या देशविरोधी कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है.
आणंद में मिथिलेश अमीन नामक व्यक्ति पर भारतीय सेना के खिलाफ झूठा और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगा है. उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
इन धाराओं में मामला दर्ज
अमीन ने फेसबुक पर बिना नाम लिए एक पोस्ट में लिखा कि 'जो लोग करमसद (सरदार पटेल का जन्मस्थान) मिटाना चाहते हैं, वे PoK वापस नहीं ले सके.' अमीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) और 197(1)(d) के तहत देश की अखंडता और सुरक्षा के खिलाफ झूठी जानकारी फैलाने का मामला दर्ज हुआ है.
सूरत में व्यापारी दीपेन परमार (40) को रविवार को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने एक वीडियो में कहा था कि 'पहलगाम आतंकी हमला पहले से तय था और आतंकियों के नेता भारत में रहते हैं.'
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई की रात को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर शुरू किया गया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने पर सहमति बनी, जिसकी घोषणा विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की थी.