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फिल्म 'दृश्यम' जैसा कत्ल, पिता ने बेटी और उसके प्रेमी को मारा... पुलिस भी हैरान

गुजरात के कच्छ से ऑनर किलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक पिता ने अपनी बेटी और प्रेमी की हत्या कर दी. फिर खुद को बचाने के लिए उसने ऐसी साजिश रची कि पुलिस भी हैरान रह गई.

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पुलिस गिरफ्तर में आरोपी पिता और उसका साला. (Photo: Screengrab)
पुलिस गिरफ्तर में आरोपी पिता और उसका साला. (Photo: Screengrab)

गुजरात के कच्छ जिले में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है, जिसने अजय देवगन की मशहूर फिल्म 'दृश्यम' के सस्पेंस और शातिर साजिश को भी मात दे दी है. यहां खांभला गांव में एक पिता ने अपनी ही बेटी और उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी और पुलिस से बचने के लिए एक ऐसा जाल बुना, जिसे सुलझाने में कानून को 39 दिन लग गए.

भांजे के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश

इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल इलाके को दहला दिया है बल्कि समाज की 'ऑनर किलिंग' वाली कड़वी सच्चाई को भी उजागर किया है. कच्छ के नखत्राणा तालुका में सामने आई यह वारदात रूह कंपा देने वाली फिल्म की पटकथा जैसी है. खांभला निवासी 19 वर्षीय युवती और छोटे अंगिया के युवक के बीच प्रेम संबंध थे. लेकिन युवती के पिता यह रिश्ता कतई मंजूर नहीं था. जब यह प्रेमी जोड़ा 3 फरवरी को घर से भाग निकला, तो पिता ने गुस्से में आकर एक खौफनाक साजिश रची.

यह भी पढ़ें: दौसा में ‘दृश्यम’ जैसी साजिश का खुलासा, 6 साल बाद खुला हत्या का राज

पहले उसने अपने भांजे के साथ मिलकर दोनों को मीठी बातों में फंसाया और सुरक्षा का भरोसा देकर वापस बुलाया. जैसे ही वे कोटड़ा और खांभला के बीच सुनसान रास्ते पर पहुंचे, पिता ने अपने ही हाथों से अपनी बेटी और उसके प्रेमी का गला घोंटकर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी.

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इस अपराध को अंजाम देने के बाद सबूतों को मिटाने का जो तरीका अपनाया गया, वह फिल्म 'दृश्यम' के विजय की याद दिलाता है. जिस तरह फिल्म में नायक पुलिस को गुमराह करने के लिए एक काल्पनिक कहानी गढ़ता है और खुद थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराता है. ठीक वैसे ही पिता ने हत्या के बाद पुलिस थाने में जाकर दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. उसने 39 दिनों तक एक बेबस और परेशान पिता होने का ढोंग रचा ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके.

हत्या के बाद कुएं में फेंक दिया था शव

पिता ने दोनों के शवों को 100 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया था. यह सोचकर कि गहरा पानी और सन्नाटा उसके गुनाह को हमेशा के लिए दफन कर देगा. हालांकि असल जिंदगी की पुलिस फिल्म की तुलना में अधिक सतर्क निकली. पश्चिम कच्छ के डीवाईएसपी मिनेश क्रिश्चियन और उनकी टीम को पिता के बयानों में विरोधाभास नजर आया. जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया, तो आरोपी का 'दृश्यम' जैसा अभेद्य किला ढह गया.

जुर्म कबूलने के बाद 13 मार्च को मजिस्ट्रेट और फायर विभाग की मौजूदगी में कुएं से शव निकाले गए. पुलिस ने अब हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है .

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