अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के आरबीआई करेंसी चेस्ट से 8.70 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले जॉइंट कस्टोडियन हरसिद्ध कडियार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी के पैसों से अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में 2 करोड़ रुपये से अधिक का बंगला और 1.40 करोड़ रुपये की दुकान खरीदी थी. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.20 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए हैं. आरोपी की पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है.
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कालूपुर ब्रांच के मुख्य प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि बैंक में आरबीआई का करेंसी चेस्ट संचालित होता है, जहां से जरूरत के अनुसार अन्य बैंकों को नकदी भेजी जाती है. उस समय संजय शर्मा मुख्य कस्टोडियन और हरसिद्ध कडियार संयुक्त कस्टोडियन के रूप में कार्यरत थे. ऑडिट और नए कस्टोडियनों द्वारा की गई जांच में 500 रुपये के नोटों के 174 बंडल कम पाए गए, जिनकी कुल कीमत 8.70 करोड़ रुपये थी.
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज में 13 जनवरी को हरसिद्ध कडियार कुछ बक्से बैंक से बाहर ले जाते दिखाई दिया. उसने कर्मचारियों से कहा था कि बक्सों में कचरा है और वह उसे फेंकने जा रहा है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने जनवरी में ही चोरी को अंजाम दिया था और उसे भरोसा था कि 90 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो जाएगी. इसी वजह से वह चोरी के बाद भी करीब 3 महीने तक नियमित रूप से नौकरी करता रहा.
पहले बीमारी का नाटक कर ली छुट्टी, फिर हो गया गायब
13 अप्रैल को आरोपी ने अस्वस्थता का हवाला देकर छुट्टी ली और बाद में पांच दिन की मेडिकल लीव पर चला गया. 20 अप्रैल से वह लापता हो गया.शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी परिवार के साथ मनाली घूमने भी गया था, लेकिन अपने खिलाफ केस दर्ज होने और पुलिस जांच की जानकारी मिलने पर वहां से फरार हो गया.
पुलिस ने जांच के दौरान सोला स्थित उसके घर के नीचे खड़ी कार से 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए. इसके अलावा 22 लाख रुपये, एक आर्टिका कार और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. आरोपी ने चोरी के पैसों से बंगला, दुकान और एक छोटा हाथी वाहन खरीदा था. उसने कुछ रकम क्रिप्टोकरेंसी में भी निवेश की थी. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपनी सहकर्मी वैशाली बेन को घर खरीदने के लिए कुल 28 लाख रुपये दिए थे.
पुलिस ने कैश ट्रांसफर से जुड़े दो अन्य लोगों सुल्तान और जुल्फिकार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. हरसिद्ध कडियार पिछले 15 वर्षों से बैंक में कार्यरत था. पूछताछ में उसने आरामदायक जीवन जीने के लिए चोरी करने की बात कबूल की है.पुलिस अब इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और आरोपी की पत्नी की भूमिका की भी जांच कर रही है.