दिल्ली के जंतर मंतर पर आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था. सवर्ण समाज और बड़ी संख्या में युवाओं ने इसमे भागीदारी की थी और कहा था कि आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए. अब इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी शुरु हो गई है. अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के खिलाफ एक और गहरी साजिश है. आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं.