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एग्जॉस्ट फैन से बनाए 'चाकू', खाईं पेन किलर टैबलेट फिर... टिल्लू ताजपुरिया के मर्डर की पूरी कहानी

Tillu Tajpuriya: तिहाड़ जेल में हुई गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. हमलावरों की प्लानिंग कितनी खौफनाक थी, इससे पर्दा उठा है. वारदात को अंजाम देने से पहले हमलावरों ने एग्जॉस्ट फैन को निकालकर उससे चाकू के शेप के नुकीले हथियार बनाए थे. इतना ही नहीं, वारदात से पहले पेन किलर टैबलेट खा रखी थीं.

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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात.
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात.

दिल्ली की तिहाड़ जेल में मंगलवार को गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी गई थी. इस वारदात को गोगी गैंग के दीपक तीतर, योगेश, राजेश और रियाज ने अंजाम दिया था. जिनके खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. इस हत्याकांड में अभी तक कई हैरान करने वाली बातें सामने आ चुकी हैं. इसी क्रम में एक और बात सामने आई है. हमलावरों की प्लानिंग कितनी गुप्त और खौफनाक थी, इससे पर्दा उठा है.

दरअसल, टिल्लू ताजपुरिया को 20 दिन पहले ही जेल नंबर-8 के हाई सिक्योरिटी वार्ड नंबर-5 में शिफ्ट किया गया था. उसे वार्ड नंबर-5 के ग्राउंड फ्लोर के सेल में बंद किया गया था. उसी वार्ड की पहली मंजिल पर गैंगस्टर जितेंद्र गोगी और लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गें बंद थे. गोगी गैंग के गुर्गे पिछले काफी वक्त से टिल्लू को मारने की फिराक में थे. उन सबको जैसे ही खबर मिली कि टिल्लू ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया गया है तो वो सभी तुरंत टिल्लू ताजपुरिया को मारने की साजिश में जुट गए.

दोनों फ्लोर के बीच लोहे की जाली लगी है

हाई सिक्योरिटी वार्ड में पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर जाने का या फिर ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल पर आने का कोई भी रास्ता नहीं है. दोनों फ्लोर के बीच लोहे की जाली लगी है. कातिल इसी लोहे की जाली को काटकर चादर के सहारे लटक कर नीचे गए थे. दरअसल, लोहे की जाली काफी पुरानी हो चुकी है और वो हिस्सा सीसीटीवी के दायरे में भी नहीं आता.

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ये बातें हमलावरों को पता थीं, इसलिए उन्होंने धीरे-धीरे लोहे की जाली को काटना शुरू कर दिया. इससे जाली बहुत ज्यादा कमजोर हो गई. फिर उन्हें इस बात का यकीन हो गया कि हल्के सा दबाव डालने पर जाली टूट जाएगी. इसके बाद सभी सही वक्त का इंतजार करने लगे.

ये सब करने के बाद हथियार चाहिए थे

साजिश यहीं खत्म नहीं हुई. इतना सब करने के बाद हमलावरों को हथियार चाहिए थे. सूत्रों की मानें तो कातिलों ने अपनी मंजिल की बैरक में लगे एग्जॉस्ट फैन को निकाला. फिर उसके लोहे के हिस्से को अलग-अलग भागों में बांट लिया. फिर घिस-घिसकर उसे नुकीला बनाया और चाकू का शेप दिया. जब सारी तैयारी हो गई, फिर आरोपियों को मौके की तलाश थी. 

इस साजिश के तहत हमलावर 1 मई की सुबह टिल्लू पर हमला करना चाहते थे, लेकिन उस सुबह सुरक्षा कर्मी जेल के राउंड पर थे. इस वजह से हमलावरों को इरादा बदलना पड़ा. फिर 2 तारीख को हमले की तैयारी की.

पिटाई के बाद दर्द न हो, इसलिए खा रखी थीं पेन किलर टैबलेट

सूत्रों की मानें तो सभी हमलावरों ने 1 मई की पूरी रात पहली मंजिल पर बंद जागकर बिताई थी. यहां तक कि उन्होंने अपने जूते तक नहीं उतारे थे. 2 मई की सुबह 6:10 पर जैसे ही देखा कि इस वक्त कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है तो उन्होंने लोहे की जाली को तोड़ा.

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इसके बाद एक-एक कर चादर के सहारे नीचे कूद गए और टिल्लू पर ताबड़तोड़ हमले करने शुरू कर दिए. ये बात भी सामने आई है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पेन किलर टैबलेट्स खा रखी थीं ताकि हमले के बाद पिटाई की जाए तो दर्द न हो.

इस हत्याकांड की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने ली थी. हत्याकांड के बाद बराड़ का फेसबुक पोस्ट सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें गोल्डी बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा है कि टिल्लू की हत्या हमारे भाई दीपक तीतर और योगेश टुंडा ने की है.

ये भी पढ़ें- 'मारो इसको, आज बचना नहीं चाहिए...', तिहाड़ जेल में टिल्लू हत्याकांड के चश्मदीद की जुबानी

पोस्ट में आगे लिखा गया, जितेंद्र गोगी की हत्या की जिम्मेदारी टिल्लू ने ली थी, जो शुरू से ही हमारा दुश्मन था. आज इसकी हत्या कर योगेश और तीतर ने सभी भाइयों का सिर ऊंचा कर दिया है. बराड़ ने फेसबुक पर आगे लिखा, 'गोगी कत्ल में जो भी शामिल थे, सभी कुत्ते की मौत मरेंगे.'

बता दें कि देश की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में पहले गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया को मौत के घाट उतार दिया गया था और अब गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की वहां हत्या कर दी गई. असल में दिल्ली में कई ऐसे गैंग सक्रिय हैं, जो एक साथ मिलकर काम करते हैं.

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