दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने हाल ही में राघव चड्ढा पर तीखा हमला किया. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल होंगे, तो मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) है. इस SOP के तहत पार्टी नेताओं को धमकाती, डराती और प्रलोभन देती है. कई विपक्षी नेता डर, दबाव या प्रलोभन में आकर बीजेपी का दामन थाम लेते हैं. शायद यही कुछ राघव चड्ढा के साथ भी हो रहा है.
आतिशी ने इस दौरान एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने चड्ढा पर सवाल उठाए और उन पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चड्ढा ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर डिलीशन जैसे मुद्दों पर सवाल नहीं उठाए. आतिशी ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से वे क्यों डर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आप एक बड़े शख्स हैं, राजसभा सांसद हैं, लेकिन गरीब जनता को एलपीजी संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और आप चुप रहे.
VIDEO | When asked whether Raghav Chadha will join BJP, Delhi Assembly LoP and AAP leader Atishi (@AtishiAAP) says, “The BJP has a standard operating procedure (SOP). It intimidates, threatens, and offers inducements to leaders, and many opposition leaders, either out of fear,… pic.twitter.com/8ZgTrxhzNp
— Press Trust of India (@PTI_News) April 3, 2026
राघव चड्ढा पर आतिशी का तीखा हमला
आतिशी ने राघव चड्ढा पर आरोप लगाया कि उन्होंने AAP कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा नहीं हुआ जो अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चड्ढा लंदन गए और उन्होंने आंख की सर्जरी की बात बताई. आतिशी ने सवाल उठाया कि क्या मोदी से डर के कारण उन्होंने लंदन का रुख किया.
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा पर आरोप लगाए कि वो कम्प्रोमाइज्ड हैं. उन्होंने कहा कि चड्ढा ने संसद में पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया. मान ने कहा कि गुजरात में वोट काटे जा रहे हैं, कार्यकर्ता जेल में हैं, पंजाब में फंड फंसा है और चड्ढा सत्ताधारी मुद्दों पर चुप हैं और समोसे की बातें कर रहे हैं.
BJP का SOP और विपक्षी नेताओं पर दबाव
इन आरोपों और आलोचनाओं के बाद लोग यह अनुमान लगाने लगे हैं कि राघव चड्ढा AAP से झेल रहे दबाव के बाद बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि चड्ढा की बीजेपी में शामिल होने की संभावना बढ़ रही है.
विश्लेषकों का कहना है कि आतिशी और AAP नेतृत्व के हमलों ने चड्ढा की छवि पर प्रभाव डाला है. विपक्षी दलों में नेताओं के बीच इस तरह के दबाव और आरोप राजनीति में लगातार दिखाई देते रहे हैं. AAP के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं के लिए यह भी चुनौती बन गया है कि वो राघव चड्ढा जैसे नेताओं के रवैये और पार्टी की नीतियों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट रहें.
भगवंत मान ने चड्ढा को बताया ‘कम्प्रोमाइज्ड'
AAP कार्यकर्ताओं और आम जनता की नजर अब राघव चड्ढा के अगले कदम पर टिकी हुई है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर चड्ढा बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह दिल्ली और पंजाब की राजनीतिक स्थितियों पर असर डाल सकता है. पार्टी और नेताओं के बीच खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप ने इस मसले को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया है.