प्रधानमंत्री आवास के समीप स्थित 100 साल से भी अधिक पुरानी ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद और उसके आसपास के आवासीय क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने बेदखली का नोटिस जारी करने के साथ ही मस्जिद और आसपास के इलाके की बिजली और पानी की सप्लाई पूरी तरह से काट दी है.
एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) के आदेश और अदालत के निर्देश पर की जा रही है. मस्जिद प्रबंधन को 19 अक्टूबर के आसपास 6 दिनों के भीतर परिसर खाली करने का नोटिस थमाया गया था.
एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "अदालत के आदेश पर इस इलाके में तोड़फोड़ अभियान चल रहा है. LDO के आदेश के बाद मस्जिद समेत कई संपत्तियों की पानी और बिजली की सप्लाई काट दी गई है."
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नोटिस में कहा गया है कि यह जमीन केंद्र सरकार के एलएंडडीओ के अंतर्गत आती है और इस पर किया गया निर्माण अनधिकृत अतिक्रमण की श्रेणी में है. आजादी से पहले की बनी यह ऐतिहासिक मस्जिद एनडीएमसी की विरासत सूची में 'ग्रेड-2' स्मारक के रूप में दर्ज है. सरकारी रिकॉर्ड में जमीन को सरकारी संपत्ति माना गया है.
इलाके में जारी इस ध्वस्तीकरण अभियान के कारण आसपास रहने वाले लगभग 700 परिवारों के प्रभावित और विस्थापित होने की संभावना है. अधिकारियों का कहना है कि निवासियों को जगह खाली करने का निर्देश दिया गया है और उन्हें कुछ ही दूरी पर वैकल्पिक आवास मुहैया कराए जा रहे हैं. मस्जिद को लेकर कार्रवाई के बीच मंगलवार को वहां नमाज भी अदा की गई. अधिकारियों के मुताबिक, मस्जिद के भविष्य पर अनिश्चितता के बावजूद नमाज जारी रही.