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जानें डेंगू जांच के लिए कौन सा टेस्ट होगा सही

डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन लोगों में इसकी जांच को लेकर काफी भ्रम है. ज्यादातर को पता ही नहीं है कि डेंगू की जांच के लिए कौन सा टेस्ट है. हाल ये हाल की जिस टेस्ट की जरूरत नहीं है घबराहट में लोग वही करवा रहे हैं.

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डेंगू का डंक...
डेंगू का डंक...

डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन लोगों में इसकी जांच को लेकर काफी भ्रम है. ज्यादातर को पता ही नहीं है कि डेंगू की जांच के लिए कौन सा टेस्ट है. हाल ये हाल की जिस टेस्ट की जरूरत नहीं है घबराहट में लोग वही करवा रहे हैं.

डाक्टरों के मुताबिक कई बातों को ध्यान में रखकर डेंगू के अलग-अलग टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू की जांच के लिए कई टेस्ट हैं लेकिन इस समय ज्यादातर चार तरह से टेस्ट किए जा रहे हैं.

बुखार होने के दो दिन के अंदर एनएस वन एंटीजन रैपिड टेस्ट करवा सकते हैं. इस टेस्ट की विश्‍वसनियता 90 फीसदी तक बताई गई है. 3-4 घंटे में रिजल्ट आ जाते हैं. लेकिन यदि ये टेस्ट नगेटिव आता है और मरीज को तेज बुखार, पेट दर्द, बीपी गिरने की शिकायत बनी रहती है तो एंटीजन एलाइजा टेस्ट करवाएं. यदि शुरू में टेस्ट नहीं करवाया, बुखार 6-7 दिन से बना है तो डाक्टर एंटीबॉडी टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं. अगर आपको एकदम सही रिजल्ट चाहिए तो एलाइजा टेस्ट करवाएं, नहीं तो इसमें भी रैपिड टेस्ट उपलब्घ होता है जो कुछ घंटों में रिजल्ट दे देंगे.

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इसके अलावा पीसीआर और कल्चरल वायरल टेस्ट भी डेंगू की जांच के लिए होते हैं लेकिन ये बहुत महंगे होने के साथ पूरा समय लेते हैं. इसलिए डाक्टर ये करवाने की सलाह नहीं देते.

गंगाराम अस्पताल के माइक्रोबायलॉजी विभाग के हेड डा. चांद वातल मानते हैं कि लोगों में डेंगू टेस्ट को लेकर बहुत भ्रम है और उन्हें ठीक जानकारी नहीं मिल पा रही है. उन्होंने बताया कि रैपिड टेस्ट की विश्वसनियता 90 फीसदी तक होती है वहीं एलाइजा के रिजल्ट 97-98 फीसदी तक ठीक होते हैं. इसलिए बहुत बार मरीज इन दोनों टेस्ट को लेकर भ्रम में रहते हैं, लेकिन डाक्टर की सलाह से ही टेस्ट का चुनाव करें.

गंगाराम अस्पताल की डॉ जसविंदर, के अनुसार- यदि रैपिड टेस्ट नेगेटिव आता है और हमें लगता है कि मरीज को डेंगू हो सकता है तो हम एलाइजा करवाने की सलाह देते हैं. इसके अलावा शरीर, खासकर पेट और टांगों पर लाल रेशेश नजर आते हैं तो प्लेटलेट्स काउंट के लिए टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है. यदि दो-तीन टेस्ट में प्लेटलेट्स तेजी से गिरती आ रही हैं तो डेंगू का शक किया जा सकता है.

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