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'RSS और BJP ने करवाया है...', जेएनयू में हुए बवाल पर कांग्रेस नेता का दावा

जेएनयू में 2020 कैंपस हिंसा की बरसी पर नारेबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है. लेफ्ट संगठनों और एबीवीपी के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है. पुलिस से FIR की मांग की गई है.

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JNU सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. (File Photo: ITG)
JNU सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. (File Photo: ITG)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से विवादों के साए में आ गई है. विश्वविद्यालय के छात्रों ने 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर प्रोटेस्ट किया. इस दौरान साबरमती हॉस्टल के बाहर लेफ्ट छांत्र संगठनों के छात्रों ने नारेबाजी भी की, जिस पर विवाद हो गया है. NUSU और SFI ने नारेबाजी को बताया वैचारिक विरोध बताया है. वहीं, दूसरी तरफ एबीवीपी ने इन नारों को 'हिंदू विरोधी मानसिकता' से प्रेरित करार दिया है.

यूनिवर्सिटी का मामला यहीं नहीं रुका और छात्र राजनीति से निकलकर यह नेशनल पॉलिटिक्स का हिस्सा बनता दिख रहा है. 

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर मिश्र ने नारे लगाने वाले छात्रों पर सवाल उठाया है. इसके बाद कांग्रेस नेताओं की तरफ से भी बयानबाजी हुई है. 

'बीजेपी का सियासी फायदा...'

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, "ऐसे नारों की कोई हिमायत नहीं कर सकता है, लेकिन दिल्ली पुलिस को पहले से पता था कि JNU में कुछ होने वाला है. दिल्ली पुलिस क्यों ख़ामोश थी? अमित शाह जी क्यों ख़ामोश थे?"

उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने नारे लगाए, क्या पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार किया? ऐसा भी तो हो सकता है कि नारे आप ने (बीजेपी) खुद ही लगवाए हों. इसका सियासी फ़ायदा तो आप को ही होगा.

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राशिद अल्वी ने कहा, "यह भी कहा जाता है कि पाकिस्तान का झंडा फहरा दिया गया. पिछले 11 साल से खबरें आ रही हैं. उससे पहले क्यों ऐसी खबरें नहीं आती थीं. ये हिटलर की तरह काम करते हैं, वह अपने लोगों को भेजकर इस तरह का काम करता था. सिर्फ पॉलिटिकल फ़ायदा उठाने के लिए RSS और बीजेपी ने ऐसा किया है."

यह भी पढ़ें: JNU Contro: ‘कब्र खुदेगी’ नारे पर ABVP-JNUSU आमने-सामने

'सपोलें बिलबिला रहें हैं...'

दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा, "सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं, सपोलें बिलबिला रहें हैं. JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है."

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कथित नारेबाजी पर कहा, "JNU में वे भारत के पैसे से पढ़ते हैं और विदेशी मानसिकता रखते हैं, ऐसे लोगों से देश को सावधान रहना चाहिए."

यह भी पढ़ें: JNU PROTEST: लाइब्रेरी में डिजिटल एंट्री का विरोध, प्रदर्शनकारी छात्रों ने मशीनें तोड़ी

सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने की FIR दर्ज करने की मांग...

जेएनयू के सुरक्षा विभाग ने एसएचओ वसंत कुंज को इस मामले में चिट्ठी लिखी है. डिपार्टमेंट ने साबरमती हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक, भड़काऊ और उकसाने वाले नारे लगाने के मामले में FIR दर्ज करने की गुजारिश की है. दिल्ली पुलिस से BNS प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की गुजारिश की है.

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(आशुतोष मिश्रा के इनपुट के साथ)

 
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