दिल्ली के बवाना में तीन फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई. शुरुआती खबरों के मुताबिक आग से 17 लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा कि आग प्लास्टिक के गोदाम से शुरू हुई जो पास ही मौजूद पटाखा फैक्ट्री तक पहुंच गई. हादसे में 13 लोग पहली मंजिल, 3 ग्राउंड फ्लोर और एक की मौत बेसमेंट में हुई है. मरने वालों में 8 महिलाएं हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी. फैक्ट्री मालिक मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हादसे पर दुख जताया है. मौके पर पहुंचे केजरीवाल को मौके पर विरोध का सामना करना पड़ा. वहां मौजूद लोगों ने केजरीवाल हाय हाय के नारे लगाए. वहीं केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा कि राहत के कामों पर हमारी नजर है. नॉर्थ एमसीडी मेयर प्रीती अग्रवाल मौके पर पहुंच गई हैं.साथ ही दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे. एमसीडी मेयर ने भी जांच के आदेश दिए हैं.
Deeply anguished by the fire at a factory in Bawana. My thoughts are with the families of those who lost their lives. May those who are injured recover quickly: PM
— PMO India (@PMOIndia)
We received 3 calls from Bawana - Sector 1 a plastic factor, 2nd from Sector 5 a cracker storage & Sector 3 a furnace oil storage. All casualties are from Sector 5 fire. Fire is completely under control now. We recovered 17 bodies so far: GC Mishra, Director Delhi Fire Services
— ANI (@ANI)
इधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आदेश पर एम्स के ट्रॉमा सेंटर पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. पटाखा फैक्ट्री को अग्निशमन विभाग से एनओसी भी नहीं थी.
बवाना में अग्निकांड के बाद मौके पर जमकर सियासत हुई. जहां एक तरफ बीजेपी के नेता हर्षवर्धन, उदित राज, बिजेंद्र गुप्ता मौके पर पहुंचे और दिल्ली सरकार को जम कर कोसा. वहीं मौके पर पहुंचे विजय गोयल ने कहा दिल्ली में सरकार जैसी कोई चीज नहीं है. वहीं घटना के तकरीबन तीन घंटे बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी मौके पर पहुंचे. केजरीवाल को मौके पर ही विरोध का सामना करना पड़ा.
इस मामले में डीसीपी, रोहिणी ने कहा है कि शुरुआत जानकारी के अनुसार दो पार्टनर मनोज जैन और ललित गोयल के शामिल होने की बात सामने आ रही है. डीसीपी रोहिणी ने बताया कि हालांकि मनोज जैन के बयान के अनुसार वह अकेले फैक्ट्री चलाता है और उसने यह बिल्डिंग किराए पर ली थी. यह पता लगाया जा रहा है कि यह उनके मालिक हैं या उन्होंने इस बिल्डिंग को किराये पर लिया था. वहीं डीसीपी, रोहिणी ने कहा है कि एक घायल मजदूर के अनुसार पटाखों बाहर से आते थे और उनकी पैकिंग यहां होती थी. जांच जारी है. वहीं एसडीएम का कहना है कि लाइसेंस जारी करने का काम एमसीडी का होता है.
इधर इस आग पर राजनीति भी शुरू हो गई है. बागी विधायक कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में अवैध पटाखा फैक्ट्री न चले, इसकी जिम्मेदारी सत्येंद्र जैन की होनी चाहिए थी और अवैध पटाखा न बने, इसकी जिम्मेदारी इमरान हुसैन की. ऐसे में इन 17 मौतों का जिम्मेदार कौन? कपिल ने तंज भरते हुए कहा कि कि सवाल मत पूछना लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.
Union Health Minister JP Nadda directs Health Secretary to provide immediate assistance to victims of Bawana fire tragedy and also asked AIIMS trauma centre to be on alert
— ANI (@ANI)
बताया जा रहा कि शनिवार शाम बवाना के इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्लास्टिक के गोदाम में लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. शुरुआती खबरों में 9 लोगों के मौत की खबर थी जो बाद में बढ़कर 17 तक पहुंच गई. मौके पर दमकल की 10 गाड़ियां पहुंची हैं. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब लगी जो बढ़ती चली गई. देर शाम तक आग पर काबू पाया जा चुका है.
V sad to hear abt large no of casualties. Keeping a close watch on rescue operations
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
The fire is under control now. The fire had broken out around 3.30 pm and was contained around 7. We have contained the fire on the second floor.: Fire Officer
— ANI (@ANI)
गोदाम में इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है. गोदाम में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है.