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साउथ दिल्ली को जाम से मिलेगी मुक्ति! साकेत से बदरपुर के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम शुरू

डीएमआरसी ने दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए साकेत, संगम विहार, खानपुर, पुल प्रह्लादपुर और बदरपुर को जोड़ने वाले बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है. करीब 1,471 करोड़ रुपये की इस परियोजना में एलिवेटेड रोड, अंडरपास, सबवे और सड़क पुनर्विकास शामिल हैं.

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इस परियोजना का उद्देश्य मेहरौली-बदरपुर रोड पर ट्रैफिक दबाव कम करना है (Photo- Representational)
इस परियोजना का उद्देश्य मेहरौली-बदरपुर रोड पर ट्रैफिक दबाव कम करना है (Photo- Representational)

साउथ दिल्ली ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बड़ा कदम उठाया है. डीएमआरसी ने साकेत, संगम विहार, खानपुर, पुल प्रहलादपुर और बदरपुर को जोड़ने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर, अंडरपास और सड़कों के पुनर्विकास (रीडिजाइन) के महा-प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत डीएमआरसी ने फिजिबिलिटी स्टडी और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य साउथ दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल मेहरौली-बदरपुर (MB) रोड पर ट्रैफिक दबाव कम करना और लोगों के सफर को आसान बनाना है. इस क्षेत्र में घनी आबादी, सड़क किनारे पार्किंग और बढ़ते वाहनों के कारण रोजाना भारी जाम की स्थिति बनती है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि DPR और सर्वे का काम अगले चार महीनों में पूरा होने की उम्मीद है. DPR तैयार करने की कंसल्टेंसी लागत लगभग 1.47 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1,471 करोड़ रुपये बताई गई है.

योजना के तहत संगम विहार से मां आनंदमयी मार्ग तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके अलावा पुल प्रह्लादपुर से बदरपुर की ओर करीब 1.1 किलोमीटर का एक और एलिवेटेड स्ट्रेच प्रस्तावित है. मां आनंदमयी मार्ग और पुल प्रह्लादपुर के बीच करीब 1.9 किलोमीटर हिस्से को UTTIPEC मानकों के तहत दोबारा डिजाइन किया जाएगा. इसमें बेहतर सड़क व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं और ट्रैफिक मैनेजमेंट शामिल होगा.

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यह परियोजना साकेत G-ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर और पुल प्रह्लादपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ेगी. साथ ही मौजूदा फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर के साथ भी इसका एकीकरण किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना में एलिवेटेड रोड, अंडरपास, सबवे और टनल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी ताकि ट्रैफिक बाधाओं को कम किया जा सके और दक्षिण दिल्ली से बदरपुर बॉर्डर तक सफर आसान हो सके.

DMRC की ओर से बताया गया है कि परियोजना के तहत ट्रैफिक सर्वे, पार्किंग स्टडी, रोड सेफ्टी ऑडिट और यात्रियों की आवाजाही का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा. इसके अलावा भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव, पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय की भी समीक्षा होगी. मार्च 2026 में दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी DMRC को सौंपी गई थी.

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