मौसम विभाग ने दिल्ली में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है. दिल्ली का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 15 दिसंबर के बाद कड़ाके की सर्दी पड़ने लगेगी. हालांकि दिसंबर की शुरुआत में ठंड का असर देखने को नहीं मिला लेकिन आने वाले दिनों में दिल्ली को सर्दी और पॉल्यूशन का डबल अटैक सहना पड़ेगा.
दिल्ली में मौसम और प्रदूषण का डबल अटैक
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है, जिसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है. आने वाले 2-3 दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है, जिसके साथ ही कड़कड़ाती ठंड शुरू हो जाएगी. दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में ठंड का कहर बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के ताजे पूर्वानुमान के अनुसार, 10 दिसंबर से 14 दिसंबर के बीच इस क्षेत्र में कोल्ड वेव यानी शीत लहर के दस्तक देने की आशंका है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग खासतौर पर सतर्क रहें, क्योंकि वहां कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का भी असर देखने को मिलेगा.
वहीं, 8 और 9 दिसंबर को दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है. फिलहाल, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, लेकिन इस क्षेत्र में बढ़ती ठंड के चलते यह तापमान 10 दिसंबर के बाद और भी गिरकर लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.हिमालय पर हो रही बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम और अधिक ठंडा हो सकता है. इसके साथ ही, 9 और 10 दिसंबर को उत्तर भारत के कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की भी उम्मीद है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हरियाणा का हिसार शहर इस ठंड में सबसे आगे है, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 276 रहा जो कि ‘खराब’ श्रेणी में आता है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है.