दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन CyHawk 4.0 के तहत बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. इस कार्रवाई में मशहूर फूड चेन खान चाचा के मालिक का बेटा मोहम्मद जावेद गिरफ्तार किया गया है. यह मामला डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए म्यूल बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ है. पुलिस के अनुसार, ICICI बैंक का एक अकाउंट Saleem Javed Rule the Rolls Since 1960 नाम से इस्तेमाल किया जा रहा था, जो खान चाचा, खान मार्केट से जुड़ा हुआ बताया गया है. इस अकाउंट के जरिए करीब 3.3 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है.
जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद ने 2 से 3 प्रतिशत कमीशन पर बैंक अकाउंट की डिटेल्स साझा की थीं. यह जानकारी हरविंदर कोहली, नसीम और संदीप द्विवेदी जैसे लोगों को दी गई, जिन्होंने इस अकाउंट का इस्तेमाल पैसों को रूट करने के लिए किया. अलग अलग पीड़ितों से करीब 54 लाख रुपये इस अकाउंट में आए और बाद में इन्हें लेयरिंग के जरिए अलग अलग जगह ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस को जांच के दौरान संदिग्ध और डिलीटेड चैट्स भी मिले हैं, जिनसे साजिश के सबूत सामने आए हैं.
ऑपरेशन CyHawk 4.0 में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन
मामले में मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मोहम्मद सलीम को BNSS के तहत बाउंड डाउन किया गया है. पुलिस ने 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए हैं. दिल्ली पुलिस का यह ऑपरेशन सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है. ऑपरेशन CyHawk 4.0 के तहत देशभर में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें 519 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के लिंक सामने आए हैं.
इस कार्रवाई के दौरान 8371 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. 1400 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार या बाउंड डाउन किया गया. इसके अलावा 2203 लोगों को BNSS की धारा 35 के तहत नोटिस जारी किए गए और 499 नई FIR दर्ज की गईं. पुलिस के अनुसार, 3564 NCRP शिकायतें म्यूल बैंक अकाउंट्स से जुड़ी पाई गई हैं. इस ऑपरेशन में म्यूल अकाउंट, फर्जी कॉल सेंटर और एजेंट नेटवर्क पर बड़ा एक्शन लिया गया है.
फर्जी जॉब, डिजिटल अरेस्ट, कस्टमर केयर और टेक सपोर्ट जैसे कई तरह के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया गया है. कई अवैध कॉल सेंटर बंद कराए गए हैं और बड़ी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, सिम कार्ड और डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए I4C और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर करीब एक महीने तक तैयारी की थी. इसमें साइबर हॉटस्पॉट की मैपिंग, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग की गई.
519 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का देशभर में खुलासा
आउटर नॉर्थ जिले में पुलिस ने 18 बैंक अकाउंट्स के जरिए करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया. इन पैसों को USDT क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेजा जाता था. इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राहुल, बंटी, अंकित, सलीम और नूर आलम शामिल हैं. एक अन्य मामले में MESSIT TRADEX नाम की कंपनी का अकाउंट सामने आया, जो 336 शिकायतों से जुड़ा था और इसमें 16.59 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था. इस केस में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
नॉर्थ वेस्ट जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक सीनियर सिटीजन से 8 लाख रुपये की ठगी की गई. इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक को बाउंड डाउन किया गया. शाहदरा में APK फाइल के जरिए मोबाइल हैक कर 6.65 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया. इसमें कंबोडिया और थाईलैंड कनेक्शन का खुलासा हुआ है. इस केस में 2 आरोपियों को आगरा से गिरफ्तार किया गया. ईस्ट और प्रीत विहार इलाके में विदेशी नागरिकों का हनीट्रैप गैंग पकड़ा गया, जिसने 31.5 लाख रुपये की ठगी की थी. इसमें 2 विदेशी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
द्वारका में 67 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें 89 शिकायतें जुड़ी थीं. इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 83 लाख रुपये फ्रीज कराए गए. साउथ वेस्ट जिले में फर्जी लोन ऐप के जरिए ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन का मामला सामने आया, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश कनेक्शन सामने आया. इस केस में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
फर्जी कॉल सेंटर, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और विदेशी कनेक्शन का पर्दाफाश
आउटर जिले में एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया, जहां फर्जी लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी. इस कार्रवाई में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 36 मोबाइल बरामद किए गए. इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी गिरफ्तारी और कार्रवाई की गई है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाली जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. इस बड़े ऑपरेशन ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराध के खिलाफ अब पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और देश के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है.