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'मालवीय नगर अग्निकांड के दौरान सुने गए कई धमाके', चश्मदीदों ने बताया

होटल के बाहर मौजूद कुछ स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि जब होटल के अंदर आग बहुत तेजी से फैल रही थी तो उस दौरान इमारत के अंदर से कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इन धमाकों की आवाजों के बाद आसपास के इलाके में मौजूद लोगों के बीच भारी दहशत और डर का माहौल बन गया.

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मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत. (photo: ITG)
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत. (photo: ITG)

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इस दौरान मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं. उन्होंने कहा कि आग लगने के दौरान होटल के अंदर कई जोरदार धमाकों की आवाजें आईं, जिससे दहशत का माहौल बन गया. वहीं, हादसे में घायल मरीजों का हेल्थ अपडेट देते हुए डॉक्टर ने बताया कि अभी 15 मरीज ICU में भर्ती हैं, जिनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं. एक मरीज को सफदरजंग रेफर किया है. डॉक्टर ने बताया कि कुछ मरीजों को मामूली चोट लगी हैं, जिनमें से 5 को छुट्टी दे दी गई है.

मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर आग बहुत ज्यादा थी, जब आग पर काबू पाने के लिए शीशे को तोड़ा गया तो ये आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई और धुएं की वजह से लोगों की बेहोश होकर मौत हो गई या अभी तक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया है.

'होटल से आई धमाकों की आवाज'

चश्मदीदों ने बताया कि जब बिल्डिंग से जिन लोगों को निकाला गया है, उनमें से ज्यादातर बेहोश थे. कुछ चश्मदीदों ने बताया कि जब होटल के अंदर आग तेजी से फैल रही थी तो अंदर के कई धमाकों की आवाज सुनाई दी. हालांकि, ये धमाके कैसे हुए ये अभी स्पष्ट नहीं है.

बेसमेंट में लगा था ताला

इस पूरे अग्निकांड में सबसे हैरान और विचलित करने वाली बात ये रही कि बिल्डिंग के बेसमेंट में भी कई लोग रह रहे थे. बेसमेंट में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिस पर बाहर से किसी ने ताला जड़ रखा था. दमकलकर्मियों और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटर की मदद से उस ताले को काटा और अंदर फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू किया.

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बेसमेंट में थी होटल की रसोई

एक महिला ने बताया कि सबसे पहले बेसमेंट में आग लगी थी. ये होटल वाले बेसमेंट में खाना बनाते थे, लेकिन नियमों के हिसाब से आप बेसमेंट में खाना नहीं बना सकते हैं. उन्होंने होटल मालिक पर अवैध तरीके से बेसमेंट के निर्माण का भी आरोप लगाया है. 

इमारत की बनावट को लेकर महिला ने बताया कि होटल के अंदर से बाहर सुरक्षित निकलने के लिए कोई भी वैकल्पिक इमरजेंसी एग्जिट रूट नहीं बनाया गया था. होटल में आने-जाने के लिए सामने की तरफ केवल एक ही मुख्य रास्ता था और दुर्भाग्य से आग सबसे पहले इसी मुख्य रास्ते के पास लगी, जिससे लोगों का निकलना असंभव हो गया.


'अवैध रूप से बना हुए हैं होटल'

उन्होंने ये भी बताया कि यहां लोगों ने अवैध रूप से कई होटल बनाए हुए हैं और तो और इन लोगों के पास होटल का कोई लाइसेंस नहीं है. उन्होंने बताया कि होटल में आने-जाने का एक ही रास्ता था. लोगों खिड़कियों से कूद-कूदकर अपनी जान बचा रहे थे.

स्थानीय निवासियों से बातचीत में ये पता चला है कि इस बहुमंजिला इमारत में 'फ्लोरिश स्टे' नाम से होटल संचालित हो रहा था, जिसके पास बीएनबी (BNB) का लाइसेंस था. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस होटल का मुख्य मालिक (ओनर) गांव या इस स्थानीय इलाके का रहने वाला नहीं है, बल्कि वह बाहर का कोई व्यक्ति है जो यहां कभी नहीं आता है.

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होटल के पास नहीं थी फायर NOC

फायर विभाग की शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है. बताया जा रहा है कि होटल को केवल 6 कमरों की मंजूरी मिली थी, लेकिन मालिक ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 25 कमरे बना लिए थे. होटल के पास फायर एनओसी (No Objection Certificate) भी नहीं थी. बेसमेंट में लोगों को रहने की अनुमति नहीं थी, फिर भी वहां लोग ठहरे हुए थे. जांच एजेंसियां अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि आग लगने के दौरान जोरदार धमाके क्यों हुए.

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