कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल ने शुक्रवार को रामलीला मैदान कमेटी के मुख्य संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया. क्योंकि उन्हें दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना मंजूर नहीं था.
कमेटी के अध्यक्ष ओपी कत्याल ने यह दावा किया. कत्याल ने कहा कि अग्रवाल नहीं चाहते थे कि को बुलाया जाए. हमने कहा कि हमें बुलाना पड़ेगा. उन्होंने इसका विरोध किया. हमने कहा- यह नहीं हो सकता. इसलिए उन्होंने कमेटी छोड़ दी.
We said we have to invite PM while he (JP Agarwal) said the opposite:OP Katyal (Pres, Sri Ramlila
Committee)
— ANI (@ANI_news)
पिछले साल भी कमेटी ने
पीएम मोदी को दशहरे पर नहीं बुलाया था. उनके बजाय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को न्यौता भेजा था. इससे पहले रावण का पुतला जलाने के दौरान प्रधानमंत्री
रामलीला ग्राउंड आते रहे हैं.
सुभाष ग्राउंड गए थे मोदी
अग्रवाल ने पिछले साल भी कहा था कि यह कमेटी का विशेषाधिकार है कि वह किसे बुलाए और किसे
नहीं. हालांकि मोदी पिछले साल रामलीला मैदान के पास ही सुभाष ग्राउंड गए थे.