16 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल अपनी कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं करेंगे. अरविंद केजरीवाल की नई सरकार में सभी पुराने मंत्री दोबारा लिए जाएंगे. ऐसे में अरविंद केजरीवाल सरकार के पुराने सातों मंत्री एक बार फिर शपथ ले सकते हैं. अरविंद केजरीवाल का मानना है कि जिस सरकार के काम पर हम दोबारा जीत कर आए हैं, उन्हीं लोगों को दोबारा मंत्री बनाया जाना चाहिए.
सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल मंत्रिमंडल में , सतेंद्र जैन, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और राजेंद्र पाल गौतम शामिल हो सकते हैं. मंत्रियों के विभागों का बंटवारा बाद में किया जाएगा.
बता दें, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई है. के नेतृत्व में पार्टी ने न केवल 62 सीटें जीतीं बल्कि बीजेपी को महज 8 सीटों पर समेट दिया. भारतीय जनता पार्टी के लिए यह हार बेहद चुभने वाली है. जीत के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर 16 फरवरी को सुबह 10 बजे अरविंद केजरीवाल तीसरी बार शपथ लेंगे, लेकिन इस शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के दिग्गज नेताओं और मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी नहीं होगी.
इसके साथ ही के विधायकों की दिल्ली में बुधवार को हुई एक बैठक में अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर नेता चुन लिया गया. आम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की औपचारिक बैठक में मनीष सिसोदिया ने अरविंद केजरीवाल के नाम का प्रस्ताव किया, जिसका सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया. विधायक दल की बैठक में पूर्व की केजरीवाल सरकार के सदस्यों मनीष सिसोदिया, सतेंद्र जैन, इमरान हुसैन, कैलाश गहलोत और गोपाल राय सहित सभी विधायक मौजूद रहे. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ही आम आदमी पार्टी, उसके पूरे प्रचार तंत्र और कार्यप्रणाली का केंद्र हैं.