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दिल्ली की 'जहरीली हवा' पर लगेगी लगाम, 'शीतकालीन कार्य योजना' की शुरूआत करेंगे CM केजरीवाल

राजधानी दिल्ली में सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या पर काबू पाने के लिए केजरीवाल सरकार द्वारा तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शीतकालीन प्रदूषण पर काबू पाने के लिए अब 'शीतकालीन कार्य योजना' की शुरूआत करेंगे.

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प्रदूषण पर काबू पाने के लिए  'शीतकालीन कार्य योजना' की शुरूआत करेंगे CM केजरीवाल
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए 'शीतकालीन कार्य योजना' की शुरूआत करेंगे CM केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजधानी में शीतकालीन प्रदूषण पर काबू पाने के लिए  'शीतकालीन कार्य योजना' की शुरूआत करेंगे. इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने 26 विभागों के साथ बैठक की और विभाग को आदेश दिया कि वो सितंबर के अंतिम सप्ताह तक विस्तृत योजना प्रस्तुत करें. दिल्ली में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट हैं, जहां अलग-अलग रिपोर्ट और योजना प्रदान करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में 13 टीमें तैनात की गई हैं.

बनाए गए हैं ये 13 हॉटस्पॉट

दिल्ली में प्रदूषण के हॉटस्पॉट में शामिल हैं: आनंद विहार, विवेक विहार, वजीरपुर, अशोक विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी, बवाना, नरेला, द्वारका, मुंडका, पंजाबी बाग, आरके पुरम, ओखला फेज-2. शीतकालीन कार्ययोजना के तहत 15 फोकस प्वाइंट और नोडल एजेंसियों की नियुक्ति होगी. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी.

कृत्रिम बारिश का भी विकल्प

इससे पहले मंगलवार को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने दिल्ली प्रदूषण से लड़ने के लिए सचिवालय में 'पर्यावरण विशेषज्ञ बैठक' के दौरान कृत्रिम बारिश को लेकर एक प्रेजेंटेशन दी. बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, यूएनईपी, सीएसई, सी40, ईपीआईसी इंडिया, क्लीन एयर एशिया, आईआईटी कानपुर आदि के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि विभिन्न विभागों और संस्थानों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर शीतकालीन कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों से शीतकालीन कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाना रहा. हाल ही में सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक के बाद, जिसमें कई उद्योगपति मौजूद थे, ने दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर दिनों के दौरान कृत्रिम बारिश कराने का सुझाव दिया गया था ताकि स्थिति में सुधार किया जा सके.

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पराली की समस्या भी एक कारण

गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी. विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि प्रदूषण कम करने के लिए इन सभी हॉट स्पॉट पर अलग से कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए.अलग शीतकालीन कार्य योजना से मुद्दों से व्यापक रूप से निपटने में मदद मिलेगी. रियल टाइम अपॉर्शनमेंट स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार बायोमास जलाना राजधानी शहर में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है. पराली जलाने की घटना 15 दिनों के भीतर होती है और दिल्ली सरकार इस मामले पर पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय की दिशा में काम कर रही है.  

गोपाल राय ने दावा किया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने लगातार सख्त कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 9 वर्षों में पीएम 10 में 42% और पीएम 2.5 में 46℅ की कमी आई है. हर साल हमारी सरकार गर्मी और सर्दियों के मौसम में प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन कार्य योजनाएँ शुरू करती है.

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