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'बीजेपी की सरकार में प्राइवेट स्कूलों की लॉटरी', AAP का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप

आम आदमी पार्टी ने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर प्राइवेट स्कूल लॉबी के साथ साठगांठ करने का गंभीर आरोप लगाया है. सौरभ भारद्वाज का दावा है कि सरकार ने जानबूझकर कोर्ट में सरेंडर किया, ताकि स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई 20-80 फीसदी फीस को कानूनी सुरक्षा मिल सके.

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सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर बोला हमला. (photo: ITG)
सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर बोला हमला. (photo: ITG)

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राइवेट स्कूल लॉबी के साथ मिलीभगत कर अभिभावकों के साथ धोखा किया है. सौरभ ने बताया कि सरकार ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और बढ़ी हुई फीस को वैध कर दिया. उन्होंने भाजपा के शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष भरत अरोड़ा को इस साजिश का हिस्सा बताया.

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्राइवेट स्कूल फीस कंट्रोल एक्ट को अब मास्टर स्ट्रोक बता रही बीजेपी सरकार पर तीखी हमला बोला. उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार पर प्राइवेट स्कूल लॉबी के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और स्कूल लॉबी ने मिलकर कोर्ट में ड्रामा किया.

AAP मुख्यालय में बुधवार को प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सरकार बनी तो निजी स्कूलों वालों की जैसे लॉटरी लग गई. सरकार बनते ही लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने 2025-26 सत्र के लिए 20% से 80% तक फीस बढ़ा दी, जिससे दिल्ली में हाहाकार मच गया. अभिभावकों ने धरने-प्रदर्शन किए, सचिवालय तक मार्च किया, लेकिन सरकार ने फीस नियंत्रण के लिए एक शानदार कानून लाने का वादा किया.

'सरकार चोरी-छिपे लाई कानून'

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने फीस नियंत्रण के लिए चोरी-छिपे एक कानून बनाया. आमतौर पर किसी भी कानून को जनता की राय के लिए वेबसाइट पर डाला जाता है और स्टेक होल्डर्स से सलाह ली जाती है, लेकिन इसमें ऐसा कुछ नहीं किया गया. इसे चोरी-छिपे विधानसभा में लाया गया और बिना किसी चर्चा के पास कर दिल्ली की जनता पर थोप दिया गया. आम आदमी पार्टी ने तभी कहा था कि ये कानून बच्चों के लिए नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूल मालिकों की लॉबी और धन्ना सेठों की जेब गर्म करने के लिए लाया गया है, जिसे रेखा गुप्ता ने मास्टर स्ट्रोक बताया था.

'कोर्ट में सरेंडर का ड्रामा'

आप नेता ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कानून लाने में इतनी जल्दबाजी क्यों थी और इसे बिना सोच-समझ के क्यों लाया गया? इस पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर कर दिया और प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ उनकी साठगांठ साफ हो गई. सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट कर दिया कि 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए 2025-2026 सत्र में जो फीस बढ़ाई गई थी, उसकी इस कानून के अंतर्गत समीक्षा नहीं की जाएगी और ये कानून उस पर लागू नहीं होगा. सरकार ने ऐसा करके प्राइवेट स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई 20 से 80 फीसद तक की मनमानी फीस को वैध कर दिया और उसे कानूनी जामा पहना दिया. अब कोई  चाहकर भी उस बढ़ी हुई फीस को चुनौती नहीं दे सकता.

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'नेक्सस का पर्दाफाश'

'AAP' नेता ने सबूत पेश करते हुए बताया कि जिस 'जॉइंट एक्शन कमेटी' ने कानून को चुनौती दी, उसके चेयरमैन भरत अरोड़ा हैं.

भारद्वाज ने तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि भरत अरोड़ा भाजपा दिल्ली प्रदेश के शैक्षणिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं.

उन्होंने कहा कि ये पूरी मुकदमेबाजी घर की बात थी- एक भाजपा पदाधिकारी ने याचिका डाली और भाजपा सरकार ने कोर्ट में हार मान ली. उन्होंने भरत अरोड़ा को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसदों के साथ प्रचार करते हुए भी दिखाया.

'अभिभावकों के साथ धोखा'

सौरभ भारद्वाज ने जोर देकर कहा कि ये दिल्ली के लाखों अभिभावकों के साथ किया गया सबसे बड़ा विश्वासघात है. उन्होंने बताया कि भरत अरोड़ा के प्रोफाइल पर एक तरफ 'संयोजक, शिक्षक प्रकोष्ठ, भाजपा' लिखा है और दूसरी तरफ 'चेयरमैन, एक्शन कमेटी'. इसी मिलीभगत के कारण आज दिल्ली का आम आदमी पिस रहा है.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सच्चाई सामने है. इसे लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है. बीजेपी दिल्ली प्रदेश के शिक्षा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष ही प्राइवेट स्कूल की जॉइंट एक्शन कमेटी का चेयरमैन है. वही व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में सरकार के कानून के खिलाफ जाता है कि ये कानून लागू नहीं होना चाहिए और वहां सरकार सरेंडर करते हुए कहती है कि लागू नहीं होगा. इसके बाद शिक्षा मंत्री कहते हैं कि ये दिल्ली के अभिभावकों की बहुत बड़ी ऐतिहासिक जीत है, जो कि बेहद आश्चर्यजनक है.

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