छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में दर्दनाक हादसा हो गया. खलारी माता मंदिर के पास रोपवे की ट्रॉली अचानक टूटकर गिर गई. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए. घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
यह हादसा रविवार की सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर से नीचे उतरने के लिए रोपवे ट्रॉली में सवार थे. खलारी गांव में स्थित पहाड़ी पर बना यह मंदिर करीब 3 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां नवरात्र के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे.
यहां देखें Video...
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रॉली जैसे ही नीचे की ओर आ रही थी, तभी अचानक केबल टूट गई और ट्रॉली अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई. उस समय दो अलग-अलग बकेट (ट्रॉली) में कुल 13 श्रद्धालु सवार थे. हादसे में एक ट्रॉली में सवार पांच लोग घायल हुए, जबकि दूसरी ट्रॉली में मौजूद दो लोग भी चोटिल हो गए.
पीटीआई एजेंसी के अनुसार, हादसे में रायपुर की रहने वाली 28 वर्षीय आयुषी की मौत हो गई. अन्य सात घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: वाराणसी: रोपवे के झूलते वीडियो पर सफाई, ट्रायल रन के दौरान किया जा रहा था इमरजेंसी ब्रेक टेस्ट
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मच गई. स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
इस घटना के बाद रोपवे के रखरखाव (मेंटेनेंस) को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. केबल टूटने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खामी इसकी वजह हो सकती है.
महासमुंद के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन पता लगाने में जुटा है कि रोपवे की नियमित जांच और मेंटेनेंस सही तरीके से किया जा रहा था या नहीं.
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी की अहमियत और बढ़ जाती है. फिलहाल प्रशासन ने रोपवे संचालन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा. वहीं, मृतका के परिवार को सूचना दे दी गई है.