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वाराणसी: रोपवे के झूलते वीडियो पर सफाई, ट्रायल रन के दौरान किया जा रहा था इमरजेंसी ब्रेक टेस्ट

वाराणसी रोपवे के झूलते गोंडोला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद निर्माण एजेंसी ने साफ किया कि यह ट्रायल रन के दौरान इमरजेंसी ब्रेक की टेस्टिंग का हिस्सा है. कंपनी के अनुसार इसमें कोई तकनीकी या सुरक्षा कमी नहीं है और रोपवे पूरी तरह सुरक्षित है.

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रोपवे का ट्रायल रन शुरू (Photo: Screengrab)
रोपवे का ट्रायल रन शुरू (Photo: Screengrab)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी और देश की पहली अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना का संचालन उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जल्द शुरू होने वाला है. परियोजना के शुरू होने से पहले रोपवे का ट्रायल रन और तकनीकी टेस्टिंग तेजी से चल रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर रोपवे से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कैंट रेलवे स्टेशन के पास फ्लाईओवर के ऊपर केबल पर लटका एक गोंडोला हवा में झूलता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे.

वीडियो वायरल होने के बाद रोपवे निर्माण कार्य में लगी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है. कंपनी ने बताया कि रोपवे सिस्टम का लगातार ट्रायल रन और टेस्टिंग की जा रही है. इसी प्रक्रिया के तहत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गोंडोला की स्विंग और मूवमेंट की जांच की जाती है. इसी कारण कुछ वीडियो में केबिन झूलते हुए दिखाई दे रहे हैं.

गोंडोला हवा में झूलता हुआ दिखाई दिया

नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा ने बताया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है, उसमें किसी भी प्रकार की संरचनात्मक, यांत्रिक या परिचालन कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि ट्रायल रन के दौरान ओईएम टीम कई जरूरी तकनीकी पैरामीटर की जांच करती है. इसमें इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर गोंडोला के हॉरिजॉन्टल मूवमेंट और हिलने डुलने की जांच शामिल होती है. यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जाती है.

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कंपनी के अनुसार रोपवे गोंडोला सिस्टम में कैरिज, हैंगर और केबिन जैसे तीन मुख्य हिस्से होते हैं, जो लचीले जोड़ों के जरिए जुड़े रहते हैं. यह लचीलापन जानबूझकर डिजाइन का हिस्सा रखा जाता है ताकि हवा के दबाव, गति में बदलाव और रुकने की स्थिति में आने वाले बलों को संतुलित किया जा सके. जब रोपवे धीमा होता है या अचानक रुकता है, तो जड़त्वीय प्रभाव के कारण गोंडोला में कुछ समय के लिए झूलना सामान्य प्रक्रिया है.

कंपनी ने स्पष्ट किया यह खतरे संकेत नहीं

स्पष्टीकरण में बताया गया है कि यह झूलना निर्धारित मानकों के भीतर रहता है और स्प्रिंग लोडेड सपोर्ट सिस्टम द्वारा नियंत्रित किया जाता है. रोपवे सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है और इसमें सेंसर आधारित कई सेफ्टी चेक लगाए गए हैं. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में दिख रहा झूलना एक सामान्य परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है. यह किसी खतरे या असुरक्षा का संकेत नहीं है. रोपवे सभी डिजाइन मानकों के भीतर सुरक्षित रूप से काम कर रहा है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं है.

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