छत्तीसगढ़ के भिलाई में सेक्टर-7 गैरेज रोड स्थित एक मोबाइल टॉवर में आग लग गई. इससे करीब 30 लाख रुपये कीमत के उपकरण जलकर खाक हो गए. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. टॉवर से उठते धुएं को देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने टॉवर के पास पड़े कचरे में जलती सिगरेट या बीड़ी फेंक दी थी. इससे कचरे में आग लग गई और धीरे-धीरे लपटें बढ़ते-बढ़ते टॉवर तक पहुंच गईं. देखते ही देखते आग ने टॉवर के कंट्रोल पैनल और अन्य उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया.
सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को जानकारी दी. इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र और दुर्ग फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया.

दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. यदि समय रहते आग को नियंत्रित नहीं किया जाता, तो टॉवर के अन्य उपकरणों के साथ-साथ आसपास के इलाके में भी नुकसान हो सकता था.
आग लगने के कारण टॉवर परिसर में लगे कई उपकरण पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जिससे टेलीकॉम सेवाएं भी प्रभावित हुईं. एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल टॉवर और इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
घटना के दौरान सुरक्षा के लिहाज से टॉवर के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी. पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कराया.

सीएसपी सिटी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि टॉवर में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आशंका है कि किसी ने कचरे में जलती सिगरेट या बीड़ी फेंकी, जिससे आग फैलते हुए टॉवर तक पहुंच गई.
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. तकनीकी टीम भी टॉवर के सिस्टम की जांच कर रही है, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने और नेटवर्क सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.