
बिहार विधानसभा में विशेष सशस्त्र पुलिस विधयेक पास हो गया है. मुख्यमंत्री ने बिल की अच्छाई गिनाईं, लेकिन इससे पहले सदन में जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष के विधायकों और सुरक्षाबलों में झड़प तक की नौबत आ गई.
बताया गया कि सदन में प्रस्ताव पास कराने के दौरान अध्यक्ष की कुर्सी तक विपक्ष के विधायक पहुंच गए और अध्यक्ष के हाथ से विधेयक खींचने की कोशिश की. विधानसभा अध्यक्ष को चेंबर से निकालने के लिए पटना के डीएम और एसएसपी तक को जुटना पड़ा.

मंगलवार को बिहार विधानसभा में भारी हंगामे के बीच बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधयेक पेश हुआ. इस दौरान नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे भी लगे, जिसके बाद सदन स्थगित कर दिया गया. इधर, लालू प्रसाद यादव ने भी ट्वीट करके नीतीश सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि लोहिया जयंती पर नीतीश में हिटलर, मुसोलिनी और पोल पॉट की आत्मा समा गई है. वह तिलमिलाए जा रहे हैं.
लोहिया जयंती पर नीतीश में हिटलर, मुसोलिनी और पोल पॉट की आत्मा समा गई है। वह तिलमिलाए जा रहे हैं कि कब उतने ही निरंकुश हो जाएँ।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
गोबेल्स, हिमलर, हरमन जैसे उनके सहायक तो हैं ही, अब हिटलर के SS की तर्ज पर कानून बनाकर बिहार विशेष सशस्त्र बल से जनता पर नकेल कसना चाहते हैं। शर्म करो
. ने तो आज राज्यसभा से अलोकतांत्रिक तरीके से पारित किए गए कृषि कानूनों की घटना को भी पीछे छोड़ दिया. विपक्ष के विधायकों को पुलिस द्वारा बर्बर तरीके से पिटवाकर काला पुलिस कानून पारित किया गया. जिस पुलिस राज की बात हो रही थी वह विधानसभा में ही चरितार्थ कर दिया गया.
— CPIML Liberation, Bihar (@CPIMLBIHAR)
इससे पहले बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक के खिलाफ विधानसभा घेराव की ओर बढ़े उग्र आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रोकने की कोशिश की गई. बिहार स'शस्त्र पुलिस बल विधेयक के खिलाफ तेज प्रताप समेत आरजेडी के नई नेता शामिल हैं.