बिहार के मुख्यमंत्री वैसे तो अब एनडीए का हिस्सा नहीं हैं, बावजूद इसके वो अलग-अलग मौकों पर मोदी सरकार की तारीफ करते रहते हैं. हाल ही में आयोजित प्रकाश पर्व के दौरान भी नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी एक-दूसरे की तारीफों के पुल बांधते नजर आए.
इस बार तारीफ से आगे बढ़कर नीतीश कुमार ने बीजेपी के चुनाव चिन्ह 'कमल' में रंग भर दिया. मौका था पटना में आयोजित पुस्तक मेले का, जहां नीतीश कुमार ने कमल के फूल में लाल रंग भरा. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
इस तस्वीर को देखने के बाद इसके पीछे कई तरह की कयास भी लगाए जा रहे हैं. बिहार में आरजेडी के साथ नीतीश सत्ता जरूर चला रहे हैं लेकिन कई मौकों पर वह भी करते आए हैं. साथ ही नीतीश कुमार भी आरजेडी नेताओं के निशाने पर रहते हैं.
'चित्रकारी' पर क्या बोले नेता
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने फोटो वायरल होने पर कहा कि नीतीश इसके जरिए अपने राजनीतिक रंग भर रहे थे. वो लालू जी को बार-बार ये जरूर दिखाते रहते हैं कि वो स्वतंत्र हैं. वहीं बिहार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि कमल सिर्फ बीजेपी का नहीं है, लालटेन (आरजेडी का चुनाव चिन्ह) कितने घरों में उजाला करती है. अगर किसी को इस बात से खुशी है तो अच्छी बात है.
जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा कि ये बहुत ही हास्यास्पद है. जो लोग भी जानबूझ कर इससे किसी तरह के कयास लगा रहे हैं उन्हें खुद पता है ऐसी कोई भी बात नहीं है.
It's laughable, those who are drawing inferences from this are doing so deliberately knowing that it has no substance: Pavan Verma, JDU
— ANI (@ANI_news)
दरअसल पुस्तक मेले में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित बउआ देवी ने कैनवास पर कमल फूल की तस्वीर बनाई थी और सीएम से इस कलाकृति पर ऑटोग्राफ देने का निवेदन किया. नीतीश ने भी निवेदन को स्वीकार करते हुए फूल में लाल रंग भरकर अपना ऑटोग्राफ दे दिया. इस तस्वीर को सोशल साइट पर कई लोगों की तरफ से पोस्ट किया जा चुका है.