scorecardresearch
 

पारुल यूनिवर्सिटी का यंग एंटरप्रेन्योर एक्सचेंज प्रोग्राम (YEEP), दुनियाभर से जुड़कर बढ़ा रहा है उद्यमिता को नई उड़ान

Impact Feature

Parul University अपने इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम्स के जरिए स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपोजर दे रही है। जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 22 देशों के 151 स्टूडेंट्स और प्रोफेसर 11 अलग-अलग प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे।

Advertisement
X
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 22 देशों के 151 विदेशी स्टूडेंट्स और प्रोफेसर होंगे शामिल
  • जुलाई-दिसंबर 2026 के बीच होंगे 11 इंटरनेशनल प्रोग्राम
  • YEEP के जरिए स्टूडेंट्स को मिलेगा ग्लोबल उद्यमिता और इनोवेशन का अनुभव

जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच पारुल यूनिवर्सिटी में 22 देशों से आए 151 विदेशी स्टूडेंट्स और प्रोफेसर 11 अलग-अलग इंटरनेशनल प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे। इनमें YEEP के अलावा रिसर्च प्रोजेक्ट, स्टूडेंट एक्सचेंज और फैकल्टी एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।


पारुल यूनिवर्सिटी हमेशा से चाहती रही है कि उसके स्टूडेंट्स सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि दुनियाभर के लोगों से मिलें, उनसे सीखें और नए आइडिया लेकर आएं। इसी सोच के साथ यूनिवर्सिटी अपने यंग एंटरप्रेन्योर एक्सचेंज प्रोग्राम यानी YEEP को लगातार आगे बढ़ा रही है। इस प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, टीचर्स और युवा उद्यमी एक साथ मिलकर काम करते हैं। नतीजा यह होता है कि कैंपस में हर तरफ नई सोच, नई एनर्जी और अलग-अलग कल्चर का माहौल दिखने लगता है।


अभी इस प्रोग्राम के तहत स्विट्जरलैंड की बर्न यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाइड साइंसेज से 11 स्टूडेंट्स और 2 टीचर्स पारुल यूनिवर्सिटी आए हुए हैं। यहां वे यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप मेंटर्स से मिलते हैं, इंडस्ट्री के जानकारों से बात करते हैं, और यह सीखते हैं कि एक नया बिजनेस कैसे शुरू किया जाता है और उसे आगे कैसे बढ़ाया जाता है। यानी सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि असल जिंदगी का अनुभव।

Advertisement
img


YEEP अकेला प्रोग्राम नहीं है। पारुल यूनिवर्सिटी ने धीरे-धीरे ऐसे कई एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किए हैं, जिनसे स्टूडेंट्स और टीचर्स को दुनियाभर के लोगों से जुड़ने का मौका मिलता है। जून से लेकर दिसंबर तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में इंटरनेशनल इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत फ्रांस, रूस और थाईलैंड से 9 स्टूडेंट्स आते हैं, तो इंटरनेशनल पीएचडी स्कॉलर प्रोग्राम में मलेशिया से 3 स्टूडेंट्स जुड़ते हैं। जुलाई में यूनाइटेड किंगडम से 4 स्टूडेंट्स इंडियन समर स्कूल का हिस्सा बनते हैं, वहीं स्विट्जरलैंड से 11 स्टूडेंट्स और 2 टीचर्स YEEP प्रोग्राम में शामिल होते हैं। ग्लोबल डिस्कवरी प्रोग्राम के तहत मोरक्को, वियतनाम, यूनाइटेड किंगडम और रूस से 13 स्टूडेंट्स जुलाई-अगस्त में आते हैं, जबकि अगस्त में उज़्बेकिस्तान, रूस और मोरक्को से 15 स्टूडेंट्स एक और इंडियन समर स्कूल में हिस्सा लेते हैं। इसी महीने पोलैंड से 24 टीचर्स आयुर्वेद प्रैक्टिशनर प्रोग्राम के लिए आते हैं, और उज़्बेकिस्तान से 19 टीचर्स इंटरनेशनल वीक में शामिल होते हैं। अगस्त से दिसंबर तक चलने वाले सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम में सेनेगल, मोरक्को, रूस, पुर्तगाल, वियतनाम और उज़्बेकिस्तान से 15 स्टूडेंट्स जुड़ते हैं। सितंबर में मलेशिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया, स्पेन, मिस्र, ग्रीस, पोलैंड, सेनेगल, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, जॉर्जिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे 14 देशों से 25 टीचर्स इंटरनेशनल विजिटिंग प्रोफेसर प्रोग्राम के लिए आते हैं। और अक्टूबर में अर्जेंटीना, फ्रांस, इंडोनेशिया, थाईलैंड, अमेरिका, यूएई, आयरलैंड, बेल्जियम, पुर्तगाल और ब्राजील से 11 टीचर्स एक और इंटरनेशनल वीक में हिस्सा लेते हैं। इन सभी प्रोग्रामों का मकसद एक ही है - मिलकर रिसर्च करना, एक-दूसरे की संस्कृति को समझना, और पढ़ाई को और बेहतर बनाना।

Advertisement


इन सभी प्रोग्राम को मिलाकर पारुल यूनिवर्सिटी में इस साल कुल 70 विदेशी स्टूडेंट्स और 81 विदेशी प्रोफेसर आएंगे - यानी कुल 151 लोग। इससे यूनिवर्सिटी की दुनियाभर में पहचान और मजबूत होगी।


पारुल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशंस एंड रिसर्च (CIRR) की डायरेक्टर डॉ. प्रीति नायर कहती हैं, "ये एक्सचेंज प्रोग्राम सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। यहां स्टूडेंट्स को नई सोच मिलती है, नए आइडिया मिलते हैं, और दुनिया को अलग नजरिए से देखने का मौका मिलता है। यह हमारे इंटरनेशनल विजन को और मजबूत करता है।"


यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पारुल पटेल कहती हैं, "ऐसे प्रोग्राम स्टूडेंट्स को ऐसा लीडर बनाते हैं जो दुनिया के बारे में सोचें, लेकिन असर अपने आस-पास भी डालें। YEEP जैसे प्रोग्राम से हम एक ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां आइडिया, कल्चर, रिसर्च और इनोवेशन साथ मिलकर स्टूडेंट्स, टीचर्स और पूरे समाज के लिए कुछ नया और बेहतर बनाते हैं।"


अपने बढ़ते इंटरनेशनल प्रोग्राम्स के साथ पारुल यूनिवर्सिटी एक ऐसा माहौल बनाने में जुटी है, जहां पढ़ाई, रिसर्च और उद्यमिता - सब कुछ दुनियाभर से जुड़ा हो। मकसद साफ है - ऐसे ग्रेजुएट्स तैयार करना, जो न सिर्फ अपने देश में बल्कि पूरी दुनिया में आगे बढ़ने के लिए तैयार हों।

अस्वीकरण - इस फीचर में दी गई सामग्री, विषयवस्तु और/या जानकारी केवल विज्ञापन उद्देश्यों के लिए प्रकाशित की गई है। टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड इसमें प्रदर्शित या प्रचारित उत्पादों और/या सेवाओं की सटीकता, विश्वसनीयता या गुणवत्ता के संबंध में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी, प्रतिनिधित्व या समर्थन से इनकार करता है। दर्शकों या उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे इस फीचर में प्रस्तुत जानकारी या दावों पर भरोसा करने या उनके आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले स्वयं उचित जांच-पड़ताल करें और स्वतंत्र रूप से पूछताछ करें। ऐसी सामग्री पर भरोसा करना पूरी तरह से व्यक्ति के अपने विवेक और जोखिम पर निर्भर है।

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement