गाजा में बीते कई सालों से भुखमरी के संकट के चलते दुनिया के कई देश और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं वहां मदद पहुंचाने का काम कर रही हैं. अब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के जरिए कुछ लोग कह रहे हैं कि गाजा के लोग मदद के रूप में मिले मांस को सड़कों पर फेंक रहे हैं.
वायरल वीडियो में कई लोगों को इंसुलेटेड ट्रक से मांस निकालकर सड़क पर फेंकते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि ये लोग इस तरह से मांस इसलिए फेंक रहे हैं क्योंकि वो इजरायली रेफ्रिजरेटेड ट्रकों में आया था.

वीडियो को शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, "फिलिस्तीनी मुस्लिम जिहादी अंतरराष्ट्रीय सहायता में मिले मांस को सिर्फ इसलिए सड़कों पर फेंक रहे हैं क्योंकि वो इजरायली रेफ्रिजरेटेड ट्रकों में आया था, गाजा में कोई भूखा नहीं मर रहा है."
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो गाजा का नहीं, बल्कि इजरायल का है. मांस फेंकने की वजह भी कुछ और थी.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये शालन हसन नाम के एक अरबी पत्रकार के इंस्टाग्राम पेज पर मिला. यहां इसे 12 जून को अरबी भाषा में लिखे कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था.

इस कैप्शन के मुताबिक, ये घटना कफ्र कन्ना नाम की एक जगह की है. यहां हाल ही में हुई एक हिंसा की वजह से हालात काफी तनावपूर्ण बन गए थे. इसी के चलते दुकानों को बंद रखा गया जिससे सारा मांस खराब हो गया था. इसके विरोध में मांस विक्रेताओं ने सड़कों पर मांस फेंक दिया.
कफ्र कन्ना, इजरायल में स्थित एक छोटा-सा कस्बा है. गाजा यहां से करीब 150 किलोमीटर दूर है.
इतनी जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें हिब्रू भाषा में छपीं 12 जून की दो इजरायली न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, कफ्र कन्ना नाम के इस इलाके में बीते कई दिनों से उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों की वजह से हालात बिगड़े हुए थे. हालात इतने खराब हुए कि गोलियां तक चल गईं, जिसमें एक ग्राहक बुरी तरह जख्मी हो गया था. इस घटना के बाद कस्बे की 60 से ज्यादा दुकानें बंद हो गईं.
जब विक्रेताओं का मांस सड़ गया और बेचने लायक नहीं बचा, तब वो मांस लेकर सड़कों पर उतर आए, और एक अनोखे अंदाज में इलाके में बढ़ते अपराध और हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया. कफ्र कन्ना के व्यापारियों का कहना है कि बिगड़ते माहौल के चलते दुकान खुला रख पाना काफी मुश्किल हो रहा है, और उनकी रोजी-रोटी भी छिन रही है. व्यापारियों की मानें तो उपद्रवी उनसे दुकान खुला रखने के बदले में “प्रोटेक्शन मनी” मांगते हैं, जिसे न देने पर उनका जिंदा रहना मुश्किल हो रहा है.
साफ है कि इजरायल में हुए एक विरोध-प्रदर्शन के वीडियो को गाजा का बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.