ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर बागेर गालिबफ जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के पाकिस्तान पहुंचने की बात को गलत बताया.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईरानी न्यूज एजेंसी तसनीम न्यूज से कहा कि वो पाकिस्तान के शांति वार्ता के आग्रह पर विचार कर रहे हैं, लेकिन ये बातचीत तभी होगी जब अमेरिका सभी मोर्चों पर युद्ध बंद करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करे.
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी थी. इसमें 11 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता होने की बात तय हुई थी.
इसी संदर्भ में अब सोशल मीडिया पर एक बड़े से विमान के आसपास उड़ते हुए कुछ फाइटर जेट्स का वीडियो वायरल हो रहा है.
एक एक्स यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "पाकिस्तान अपने मेहमान ईरान को लेने के लिए हवा में उड़ते हुए. ईरान के प्रतिनिधिमंडल को सीमा से पाकिस्तान तक सुरक्षा प्रदान करते हुए एस्कॉर्ट किया #Pakistan #Iran".
कुछ न्यूज वेबसाइट्स ने अपनी खबरों में इस वीडियो को शामिल करते हुए लिखा कि ईरान ने पाकिस्तान से गुजारिश की थी कि वो उनके डेलिगेशन को सुरक्षित इस्लामाबाद ले जाने के लिए अपने फाइटर प्लेन भेज दे. इन खबरों में लिखा है कि ईरान ने ये इसलिए कहा क्योंकि उसे इजरायली और अमेरिकी एयर फोर्स के हमले का डर था.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो 2019 का है जब पाकिस्तान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के स्वागत के लिए फाइटर जेट भेजे थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें रेडियो फ्री यूरोप की 18 फरवरी, 2019 की एक रिपोर्ट मिली. यहां बताया गया है कि ये फाइटर जेट पाकिस्तान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के जहाज का स्वागत करने के लिए भेजे थे. क्राउन प्रिंस बिन सलमान 17 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान गए थे.
अल अरेबिया की एक खबर के अनुसार सऊदी प्रिंस और उनके प्रतिनिधिमंडल का जहाज जब पाकिस्तान एयर स्पेस में दाखिल हुआ, तो पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट्स ने उसका स्वागत किया. उस वक्त पाकिस्तान के एयर फोर्स ने इसे स्वागत का एक खास रिवाज बताया था.
खबरों के अनुसार, पैसों की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने उस वक्त सऊदी प्रिंस का शानदार स्वागत किया था. सऊदी प्रिंस ने तब पाकिस्तान के साथ 20 बिलियन डॉलर की डील साइन की थी.
साफ है, ईरान और अमेरिका की शांति वार्ता के संदर्भ में एक पुराना वीडियो शेयर किया जा रहा है.