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फैक्ट चेक: अमेरिकी जहाज पर ईरान का हमला बताकर शेयर हो रहे हैं पुराने और AI से बने वीडियो  

ईरान ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्रहम लिंकन पर हमला करने का दावा किया था. अब इस दावे से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो का आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये जलता हुआ जहाज अमेरिका का है जिस पर ईरान ने हमला कर इसे तबाह कर दिया.  
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये जून 2025 का वीडियो है जब ओमान की खाड़ी में दो पानी के जहाज आपस में टकरा गए थे.

ईरान ने हाल ही में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला करने का दावा किया. इसी संदर्भ में अब सोशल मीडिया पर जलते हुए पानी के जहाजों के कई वीडियो वायरल हो गए हैं.

इनमें से कुछ पुराने हैं तो कुछ एआई से बने हैं. इस स्टोरी में हम ऐसे ही दो वीडियोज की बात करेंगे.

वीडियो 1: जहाजों की टक्कर से हुई थी

ये दुर्घटना धू-धूकर जलते जहाज के इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि ईरान ने अमेरिकी ऑयल टैंकर को तहस-नहस कर दिया. 

सच्चाई: ये जून 2025 का वीडियो है जब ओमान की खाड़ी में कार्गो शिप द फ्रंट ईगल और ऐडलिन नाम के ऑयल टैंकर की टक्कर हो गई थी. यूएई ने इस बारे में बयान देते हुए कहा था कि इस टक्कर की वजह से दोनों जहाजों के ढांचे को मामूली नुकसान पहुंचा था और एक जहाज में आग लग गई थी. यूएई के मिनिस्ट्री ऑफ एनर्जी एंड इनफ्रास्ट्रक्चर ने उस वक्त ये भी कहा था कि ये टक्कर, दोनों में से एक जहाज द्वारा नैविगेशन में चूक की वजह से हुई थी.

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वीडियो 2: ये जहाज AI से बना है

जहाज के जलने का ये वीडियो भी मध्य पूर्व में चल रही जंग के संदर्भ में शेयर हो रहा है. एक फेसबुक यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "अमेरिका का डंका ईरान ने अकेले ही फाड़ दिया है! अमेरिका का विध्वंसक जहाज जो अरबों डॉलर का था, वो सिर्फ 20 हजार डॉलर के ड्रोन के सामने सुलग रहा है! कभी भी घमंड और किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए"

कई न्यूज वेबसाइट्स ने भी इस वीडियो का स्क्रीनशॉट इस युद्ध से संबंधित खबर की असली तस्वीर के रूप में पेश किया.

सच्चाई: ये वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बना है. वीडियो में शिप के पास खड़ी एक नाव से, शिप के एक ऐसे हिस्से पर पानी डाला जा रहा है, जहां कोई आग नहीं लगी है.

हमने हाइव मॉडरेशन नाम के एआई डिटेक्टर टूल से भी इस वीडियो की जांच की. टूल ने इसके एआई से बने होने की 75 प्रतिशत संभावना जताई.

साफ है, पुराने और फर्जी वीडियोज को मध्य पूर्व युद्ध का बताकर शेयर किया जा रहा है.

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