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फैक्ट चेक: दिल्ली नहीं बिहार के मिड-डे मील की है ये तस्वीर

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में एक स्कूल के बच्चे खाना खाते हुए नज़र आ रहे हैं. बच्चों की थाली में चावल, सब्जी, अंडा और सलाद दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये दिल्ली के सरकारी स्कूल की अच्छी शिक्षा और बढ़िया खाने का एक नमूना है. जानिए आखिर इस वायरल तस्वीर का सच क्या है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
फोटो में एक स्कूल में बच्चे अच्छा खाना खाते हुए नज़र आ रहे हैं और इसे दिल्ली का सरकारी स्कूल बताया जा रहा है.
फेसबुक पेज 'Aam Admi Zindabad (आम आदमी जिंदाबाद)'
सच्चाई
ये फोटो दिल्ली की नहीं बल्कि बिहार के अररिया स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की है.

मिड-डे मील की वजह से बच्चों के बीमार होने की खबरें आए दिन मीडिया में आती रहती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर आजकल एक फोटो मिड-डे मील में दिए जा रहे अच्छे खाने की वजह से चर्चा में है.

वायरल तस्वीर में एक स्कूल के बच्चे खाना खाते हुए नज़र आ रहे हैं. बच्चों की थाली में चावल, सब्जी, अंडा और सलाद देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि ये दिल्ली के सरकारी स्कूल की अच्छी शिक्षा और बढ़िया खाने का एक नमूना है. फोटो को लेकर लोग दिल्ली सरकार की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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पोस्ट का वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि ये फोटो दिल्ली की नहीं बल्कि बिहार के अररिया स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की है.

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इस पोस्ट को नाम के एक फेसबुक पेज ने शेयर किया था. इस पेज को 11 लाख से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं.

रिवर्स सर्च और कुछ कीवर्ड की मदद से हमने फोटो की सच्चाई का पता लगाया. इंटरनेट पर ये फोटो हमें कुछ में मिली. रिपोर्ट्स में जिले के फारबिसगंज ब्लॉक में स्थित प्राथमिक विद्यालय छुरछुरिया का बताया गया है. खबर में विद्यालय प्रभारी रंजेश सिंह के नाम का जिक्र किया गया है जिन्होंने स्कूल के मिड-डे मील को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई है. खबरों के मुताबिक, रंजेश सिंह के इस काम को खूब सराहना मिल रही है और लोग इसे एक मिसाल के तौर पर देखते हैं.

हमारे संवाददाता अमरेंद्र सिंह की मदद से हमने रंजेश सिंह से भी संपर्क किया. रंजेश ने इस बात की पुष्टि कर दी कि ये तस्वीर उन्हीं के स्कूल की है. रंजेश के मुताबिक उन्होंने ये तस्वीर अप्रैल में ली थी. उन्होंने हमें इस स्कूल के मिड-डे मील की कुछ और तस्वीर भी भेजी है.

"Bihar Rajya Madhyan Bhojan Yojna Samiti Araria" नाम के एक फेसबुक पेज पर भी इसी तरह की एक फोटो मौजूद है जिसे इसी विद्यालय का बताया गया है.

हालांकि ऐसी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स जरूर हैं, जिसमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बेहतर होने का जिक्र है लेकिन इस वायरल फोटो का दिल्ली से कोई लेना देना नहीं.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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